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Prayagraj Nikay Chunav 2023 :माफिया अतीक के वार्ड में बसपा, कांग्रेस, आप से ज्यादा भाजपा को मिले वोट

Sat, 13 May 2023 03:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

अतीक अहमद के वार्ड 44 चकिया में मिले मतों को देखकर भाजपा नेता भी चौंक गए। भाजपा के मेयर प्रत्याशी गणेश केसरवानी के खाते में यहां 802 मत आए। कांग्रेस प्रत्याशी प्रभा शंकर को 322 और बसपा प्रत्याशी सईद अहमद को 163 मत ही हासिल हो सके।
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अतीक अहमद - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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काय चुनाव में इस बार हर एक की निगाह माफिया अतीक अहमद के वार्ड संख्या 44 चकिया पर टिकी हुई थी। अतीक की हत्या के बाद कयास इस बात के लगाए जा रहे थे कि मुस्लिम वोटर सपा से नाराज है और वह बसपा, कांग्रेस, एआईएमआईएम की तरफ अपना रुख कर सकते हैं, लेकिन मतगणना के बाद जो तस्वीर आई वह बेहद चौंकाने वाली रही। इस वार्ड में बसपा, कांग्रेस, आप के मुकाबले भाजपा को ज्यादा वोट मिले।

अतीक अहमद के वार्ड 44 चकिया में मिले मतों को देखकर भाजपा नेता भी चौंक गए। भाजपा के मेयर प्रत्याशी गणेश केसरवानी के खाते में यहां 802 मत आए। कांग्रेस प्रत्याशी प्रभा शंकर को 322 और बसपा प्रत्याशी सईद अहमद को 163 मत ही हासिल हो सके। आम आदमी पार्टी के मो. कादिर भी 366 मतों का समर्थन ही जुटा पाए। हालांकि, सबसे ज्यादा वोट सपा प्रत्याशी अजय कुमार श्रीवास्तव को ही मिले हैं। उन्हें कुल 1439 मत हासिल हुए। एआईएमआईएम के प्रत्याशी को 859 मत मिले। खास बात यह भी कि भाजपा के मेयर प्रत्याशी के मुकाबले पार्षद प्रत्याशी को मिले मत कम रहे।

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भाजपा से पार्षद प्रत्याशी सरिता को यहां 682 मत मिले। सपा से पार्षद प्रत्याशी जहांआरा के खाते में 2733 मत आए। आम आदमी पार्टी की साबिया बेगम यहां 686 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि आप के मेयर प्रत्याशी को 366 मतों से ही संतोष करना पड़ा। चर्चा है कि वार्ड के पसमांदा मुस्लिमों का वोट भाजपा के खाते में गया है। सपा से गहरी नाराजगी वाली बात भी वोटरों ने खारिज कर दी। इसकी तस्वीर भी परिणाम ने दिखाई। भाजपा नेता प्रमोद मोदी ने बताया कि भाजपा के मेयर प्रत्याशी ने चकिया में अच्छा प्रदर्शन किया। इसके लिए सभी मतदाताओं का पार्टी की ओर से आभार है।

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गढ़ में ही नहीं चल पाया अतीक फैक्टर, भाजपा फिर रही आगे

जिस अतीक अहमद का असर धूमनगंज और करेली क्षेत्र में सबसे ज्यादा रहता था। वह शहर पश्चिमी सीट से ही पांच बार विधायक रहा। जिस आईएस 227 गैंग का वह लीडर था, उसके ज्यादातर सदस्यों का ठिकाना भी धूमनगंज ही है। बावजूद इसके अतीक नतीजों के ढेर में गुम ही नजर आया। गढ़ में भी वह चुनावी फैक्टर नहीं रहा। अतीक समर्थकों की नाराजगी की चर्चाओं के बावजूद चकिया में जीत सपा की ही हुई है।

अतीक के अंत के बाद इसके कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण न हो जाए। हालांकि, शनिवार को आए नतीजों ने साफ किया कि चुनावी गलियारे में भले ही इसकी गूंज खूब हुई हो, लेकिन मतदाताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।

इसके उलट, अतीक के गढ़ माने जाने वाले कई वार्डों में भाजपा हावी रही। वार्ड नंबर 94 बेनीगंज, 53 चकनिरातुल, 71 ओमप्रकाश सभासद नगर, 2 सुलेमसराय, 52 राजरूपपुर, 79 प्रीतमनगर, 49 टीपी नगर, 51 मुंडेरा, 15 जयंतीपुर, 59 नीमसराय, 35 झलवा, 18 हरवारा, 5 पीपलगांव में भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। चौंकाने वाली बात यह कि 3 बम्हरौली उपरहार, 60 मिन्हाजपुर गढ़ीकला, 98 दायराशाह, 90 शाहगंज गढ़ीसराय जैसे वार्डों में इस बार सपा को मुंह की खानी पड़ी। यहां कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 82 करेलाबाग में एआईएमआईएम जीती, जबकि सपा वार्ड 77 तुलसीपुर, 44 चकिया, 100 अटाला, 93 सुल्तानपुर भावा में ही प्रतिद्वंद्वियों को मात दे पाई।

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