गढ़ में ही नहीं चल पाया अतीक फैक्टर, भाजपा फिर रही आगे
जिस अतीक अहमद का असर धूमनगंज और करेली क्षेत्र में सबसे ज्यादा रहता था। वह शहर पश्चिमी सीट से ही पांच बार विधायक रहा। जिस आईएस 227 गैंग का वह लीडर था, उसके ज्यादातर सदस्यों का ठिकाना भी धूमनगंज ही है। बावजूद इसके अतीक नतीजों के ढेर में गुम ही नजर आया। गढ़ में भी वह चुनावी फैक्टर नहीं रहा। अतीक समर्थकों की नाराजगी की चर्चाओं के बावजूद चकिया में जीत सपा की ही हुई है।
अतीक के अंत के बाद इसके कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं भाजपा के खिलाफ ध्रुवीकरण न हो जाए। हालांकि, शनिवार को आए नतीजों ने साफ किया कि चुनावी गलियारे में भले ही इसकी गूंज खूब हुई हो, लेकिन मतदाताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
इसके उलट, अतीक के गढ़ माने जाने वाले कई वार्डों में भाजपा हावी रही। वार्ड नंबर 94 बेनीगंज, 53 चकनिरातुल, 71 ओमप्रकाश सभासद नगर, 2 सुलेमसराय, 52 राजरूपपुर, 79 प्रीतमनगर, 49 टीपी नगर, 51 मुंडेरा, 15 जयंतीपुर, 59 नीमसराय, 35 झलवा, 18 हरवारा, 5 पीपलगांव में भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। चौंकाने वाली बात यह कि 3 बम्हरौली उपरहार, 60 मिन्हाजपुर गढ़ीकला, 98 दायराशाह, 90 शाहगंज गढ़ीसराय जैसे वार्डों में इस बार सपा को मुंह की खानी पड़ी। यहां कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 82 करेलाबाग में एआईएमआईएम जीती, जबकि सपा वार्ड 77 तुलसीपुर, 44 चकिया, 100 अटाला, 93 सुल्तानपुर भावा में ही प्रतिद्वंद्वियों को मात दे पाई।