हादसे में क्षतिग्रस्त जीरो रोड डिपो की रोडवेज बस।
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सिविल लाइंस बस स्टेशन के बाद अब जीरोरोड बस स्टेशन पर भी ताला लग गया है। जीरोरोड बस स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य अब शुरू होगा। इस वजह से यहां से संचालित बसों को अगली सूचना तक के लिए नैनी लेप्रोसी चौराहे पर शिफ्ट कर दिया गया है। नैनी लेप्रोसी चौराहे पर बसें भले ही शिफ्ट कर दी गई हैं लेकिन वहां तमाम यात्री सुविधाओं का अभाव है।
जीरोरोड बस स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य डीजीएस टाउनशिप नाम की कंपनी को करना है। बीते कुछ दिनों से कंपनी द्वारा बस स्टेशन पर निर्माण कार्य करने के लिए उसे कवर्ड किया जा रहा था। चारों ओर से कवर्ड कर लेने के बाद अब वहां से बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बस स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य अगले दो वर्ष या उससे कुछ अधिक समय में पूरा हो सकता है। इस अवधि में जीरोरोड बस स्टेशन से चलनी वाली बसों का संचालन फिलहाल नैनी लेप्रोसी से होगा।
बता दें जीरोरोड से विंध्याचल, मिर्जापुर, रेनूकूट, सोनभद्र, ओबरा, शक्तिनगर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, खजुराहो, रीवा, चाकघाट, सींधी आदि रूट की बसें संचालित होती हैं। अब अगली सूचना तक इन बसों का संचालन नैनी लेप्रोसी से होगा। उधर जीरोरोड बस स्टेशन बंद होने के बाद वहां स्थानीय कारोबारियों को भी राहत मिली है। कारोबारी कृष्ण मुरारी, विजय गुप्ता ने बताया की बसों की आवाजाही से वहां हर रोज जाम का लगना तय था। अब शायद ऐसी स्थिति कम आए। चर्चा है कि माघ मेला संपन्न होने के बाद जीरोरोड बस स्टेशन से संचालित बसों की आवाजाही एमजी मार्ग स्थित विद्यावाहिनी मैदान से की जा सकती है।
जीरोरोड बस स्टेशन का पुनर्विकास का कार्य शुरू हो गया है। इसी वजह से वहां से संचालित बसों को नैनी लेप्रोसी पर शिफ्ट किया गया है। यात्री नैनी लेप्रोसी जाकर ही बसों को पकड़े। - रविंद्र कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन।