इविवि की प्रवेश परीक्षा एक अगस्त से प्रस्तावित है। अगर हालात ठीक रहे तो अगस्त के अंत से प्रवेश लेने के लिए छात्र-छात्राएं प्रवेश भवन पहुंचने लगेंगे। छात्राओं और उनके साथ आने वाले अभिभावकों की समस्याओं को ध्यान रखने हुए इविवि प्रशासन प्रवेश भवन में वेटिंग रूम और पिंक टॉयलेट का निर्माण कराने जा रहा है। जुलाई में इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए चैथम लाइन स्थित प्रवेश भवन आना पड़ता है। प्रवेश भवन में छात्राओं के लिए न तो टॉयलेट की व्यवस्था है और न ही अभिभावकों के बैठने के लिए कोई जगह है। प्रवेश के दौरान छात्र-छात्राओं को काफी लंबी लाइन लगानी पड़ती है।
इविवि में प्रवेश के लिए प्रदेश के अन्य जिलों के साथ बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक यहां आते हैं। एडमिशन के दौरान उन्हें बाहर चिलचिलाती धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इन तमाम समस्याओं को ध्यान में रखते ही प्रवेश भवन में अभिभावकों के लिए वेटिंग रूम और छात्राओं के लिए पिंक टॉयलेट बनवाए जाने का निर्णय लिया गया है।
निर्माण जुलाई में शुरू कराए जाने की तैयारी है। दूसरी ओर प्रवेश परीक्षा के आयोजन को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है। सरकार ने जुलाई में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय लियाहै। जुलाई में कोई परीक्षा भी आयोजित नहीं की जानी है। ऐसे में इविवि प्रशासन के लिए एक अगस्त से प्रवेश परीक्षा का आयोजन करा पाना मुश्किल होगा।