मांडा विकास खंड में ब्लाॅक प्रमुख के विकास खंड कार्यालय में लंबे समय से नहीं आने की वजह से विकास कार्य प्रभावित हो गया है। जुलाई के बाद दो खंड विकास अधिकारियों ने कोई भुगतान नहीं किया। सितंबर में नए खंड विकास अधिकारी की तैनाती हुई, लेकिन उन्होंने भी एक माह के कार्यकाल में कोई भुगतान नहीं किया है।
मांडा विकास खंड में ब्लाॅक प्रमुख के विकास खंड कार्यालय में लंबे समय से नहीं आने की वजह से विकास कार्य प्रभावित हो गया है। जुलाई के बाद दो खंड विकास अधिकारियों ने कोई भुगतान नहीं किया। सितंबर में नए खंड विकास अधिकारी की तैनाती हुई, लेकिन उन्होंने भी एक माह के कार्यकाल में कोई भुगतान नहीं किया है। जबकि ढ़ाई से तीन करोड़ के विकास कार्य कराए जा चुके हैं। भुगतान के पीछे कारण क्या है, यह तो जांच का विषय है।
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विकास खंड मांडा में ब्लाॅक प्रमुख के नहीं आने को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। ब्लाॅक प्रमुख प्रगति सिंह को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं है। सूत्रों का कहना है कि भुगतान को लेकर पैदा हुए विवाद की वजह से एक महिला खंड विकास अधिकारी का स्थानांतरण दबाव में कर दिया गया। कारण वह भुगतान करने को तैयार नहीं हो रहीं थी। शिकायत कर्ता संजय यादव का कहना है कि मांडा आकांक्षी ब्लाॅक है। शासनादेश है कि प्रमोटी बीडीओ की तैनाती नहीं की जा सकती। बावजूद इसके 22 सितंबर को प्रमोटी खंड विकास अधिकारी की तैनाती कर दी गई। मामले में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह का कहना है कि जांच बैठा दी गई है। जांच में सभी मामले उजागर हो जाएंगे।