वाराणसी के प्रतिष्ठित आभूषण कारोबारी ज्वाला सेठ के कर्मचारियों के साथ करोड़ों की लूटपाट मामले में मध्यप्रदेश पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के हत्थे चढ़े तीन बदमाशों के पास से एक करोड़ 74 लाख नकद, एक लाख 87 हजार के अधजले नोट व 81 पूरी तरह से जले पांच सौ के नोट बरामद हुए हैं। बदमाशों में एक कारोबारी के चालक का सगा बड़ा भाई है। 25 लाख का कर्ज चुकाने के लिए घटना को चालक ने अपने भाई के साथ मिलकर अंजाम दिया था। चालक इस समय पुलिस की हिरासत में है।
कारोबारी ज्वाला सेठ का चालक हरिनाथ यादव साथी विनोद रावत के साथ 30 जनवरी की रात करोड़ों रुपये कैश लेकर दिल्ली के लिए स्कॉर्पियो से रवाना हुआ। देर रात प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां के समीप इनोवा सवार बदमाशों ने मारपीट कर गाड़ी व कैश लूट लिया था। इस मामले में कारोबारी ने कोखराज पुलिस को दी तहरीर में 40 लाख रुपये लूटे जाने की बात कही। पुलिस रिपोर्ट दर्ज मामले की छानबीन कर रही रही थी कि पता चला मध्यप्रदेश के सिवनी जिला अंतर्गत उरई थाने में तीन बदमाश पकड़े गए हैं।
उनकी पहचान मुंबई के मोती शाह लेन मझगांव निवासी हरिओम यादव, कोलीवाड़ा थाना अंटापीर के सुनील वर्मा और भिंड बाजार के ग्यासबाबू के रूप में हुई है। इनोवा सवार इन बदमाशों के पास से एक करोड़ 74 लाख नकद, एक लाख 87 हजार के आंशिक अधजले नोट व पांच सौ के 81 नोट पूरी तरह से जले बरामद हुए हैं। यह पैसा इनोवा के बोनट में छिपा कर रखा गया था।
बोनट में रखे रुपये उड़ने लगे तो हुआ मामले का खुलासा
एसपी सिवनी कुमार प्रतीक ने पूछताछ की तो बदमाशों ने बताया कि हरिओम यादव का भाई हरिनाथ वाराणसी के आभूषण कारोबारी के यहां चालक है। अक्सर वह सोना चांदी खरीदने के लिए दिल्ली और मुंबई आया करता था। हरिओम ने भाई के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और इनोवा से हथिगवां इलाके में लूटपाट कर मुंबई जा रहे थे। रास्ते में पुलिस चेकिंग से बचने के लिए कैश बोनट के नीचे छिपाकर रखा गया था। सुखतारा के समीप इंजन हीट होने व शॉटसर्किट से आग लग गई। गाड़ी रोकी गई तो नोट उड़ने लगे। जिस पर स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।