राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बारे में फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले युवक को हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक का आदेश देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी है।
हालांकि, याची को यह छूट दी है कि वह नियमानुसार अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। शाहजहांपुर के विवेक मिश्र नाहिल की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी ने सुनवाई की। याची के खिलाफ शाहजहांपुर के संघ विभाग कार्यवाह रवि मिश्र ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कहा गया कि संघ प्रमुख भागवत ने सामाजिक एकता और भाईचारे को बढ़ाने वाला बयान दिया था। उनके इस बयान के बाद विवेक मिश्र ने अपने फेसबुक पर मोहन भागवत को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। उसकी फेसबुक आईडी पर ऐसी तमाम पोस्ट पड़ी हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ने का खतरा है।
याचिका का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता सैय्यद अली मुर्तजा ने कहा कि याची ने सोशल मीडिया पर सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने वाली टिप्पणियां की हैं। जबकि, याची का कहना था कि उसे गलत फंसाया गया है, उसने ऐसा कुछ नहीं कहा है, जिससे समाज को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची चाहे तो नियमानुसार अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।