इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महामारी अधिनियम के तहत जारी गाइडलाइन और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोपी रेस्टोरेंट संचालक को राहत दी है। कोर्ट ने संचालक के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
सिविल लाइंस प्रयागराज स्थित शाहंशाह रेस्टोरेंट के मालिक सुनील श्रेणी की याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र की खंडपीठ ने सुनील श्रेणी की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि उसके रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने धारा 144 का उल्लंघन किया गया है, जबकि निरीक्षण के समय रेस्टोरेंट बंद था। वह एक कर्मचारी के साथ रेस्टोरेंट खोलने की तैयारी में सफाई कर रहा था। प्राथमिकी में भी ग्राहकों की भीड़ का आरोप नहीं है। धारा 144 या डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के किसी उपबंध का उल्लंघन नहीं किया गया है।
वहां पांच या उससे अधिक व्यक्ति मौजूद नहीं थे और न ही रेस्टोरेंट में उस समय कोई ग्राहक मौजूद था। ऐसे में पेंडेमिक ऐक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट या भारतीय दंड संहिता की किसी धारा के तहत कोई अपराध नहीं बनता। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए विवेचना जारी रखने की छूट दी है, मगर याची का उत्पीड़न नहीं करने का निर्देश दिया है।