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प्रयागराज : राष्ट्रीय लोक अदालत में 53 हजार से अधिक वादों का निस्तारण

Sun, 13 Mar 2022 01:05 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रज्ञा सिंह द्वितीय के मुताबिक लोक अदालत में जिला न्यायाधीश द्वारा कुल 18 वादों का निस्तारण किया गया। फौजदारी के कुल 6457 वादों, पारिवारिक न्यायालयों द्वारा कुल 60 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया।
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court demo - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 53 हजार, 495 वादों का निस्तारण किया गया। इसके पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट केन्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर (प्रशासनिक न्यायाधीश प्रयागराज) और न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसकी शुरुआत की। उसके बाद न्यायालयों की ओर से वादों का निस्तारण किया गया।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रज्ञा सिंह द्वितीय के मुताबिक लोक अदालत में जिला न्यायाधीश द्वारा कुल 18 वादों का निस्तारण किया गया। फौजदारी के कुल 6457 वादों, पारिवारिक न्यायालयों द्वारा कुल 60 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया।



इसके अलावा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण उत्तरी द्वारा 89, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण दक्षिण द्वारा 42, विद्युत मामलों के 88, सीजेएम द्वारा 910, एसीजेएम-षष्ठम द्वारा 512, एसीजेएम चतुर्थ द्वारा 891, एसीजेएम-17 द्वारा 550, रेलवे कोर्ट द्वारा 1314 वादों को निस्तारित किया गया। राजस्व न्यायालय द्वारा कुल 37383 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा बैंक के प्री लिटिगेशन के 1919 मामले निस्तारित हुए।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन केदौरान जिला न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव, कमिश्नर संजय गोयल, एडीजी जोन प्रयागराज, प्रेम प्रकाश, एसएसपी प्रयागराज, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, एडीजे प्रथम आरके शुक्ला, एडीजे मृदुल कुमार मिश्रा, जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।


सुलह-समझौतों से निपटाए जाएं वाद
जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नलिन कुमार श्रीवास्तव ने निरीक्षण कर वादकारियों को सुलह समझौतों के जरिए वादों के निस्तारण केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत एक वादों केनिस्तारण का बेहतर माध्यम है। इसके जरिये वादकारी अपने वादों का निस्तारण आसानी से करा सकते हैं।



एडीजे विकास श्रीवास्तव, एडीजे संजय कुमार शुक्ला, एडीजे चंद्रपाल, एडीजे व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रज्ञा सिंह द्वितीय ने भी विचार व्यक्त किए। कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतों के आयोजन से छोटे-छोटे मामलों का निस्तारण बड़ी आसानी से हो जा रहा है, जिससे न्यायालयों पर भी मुकदमों का बोझ कम हो रहा है। न्यायाधीशों ने वादकारियों से अपील की कि वे अपने वादों का निस्तारण लोक अदालतों के जरिए कराएं, जिससे उन्हें सस्ता और सुलभ न्याय मिले।

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