शिवकुटी में फाफामऊ घाट की ओर नहाते वक्त सोमवार सुबह दो चचेरे भाई गंगा में डूब गए। इनमें से पुष्पेंद्र कुमार (16) की मौत हो गई जबकि विवेक कुमार (15) का पता देर रात तक नहीं चल सका। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुष्पेंद्र उर्फ प्रवीण सोरंाव के ददौली हनुमंत नग गांव निवासी किसान केदारनाथ का बड़ा बेटा था। वह 12वीं में पढ़ता था। सोमवार सुबह नौ बजे के करीब वह पड़ोस में रहने वाले चचेरे भाई विवेक उर्फ चंदन पुत्र रामनाथ के साथ गंगा स्नान करने के लिए फाफामऊ घाट पर पहुंचा। किनारे पर पानी कम था ऐसे में दोनों नदी के बीच में पहुंच गए। यहां नहाते वक्त अचानक पुष्पेंद्र का पैर फिसला और वह गहराई में जाकर डूबने लगा। उसकी चीख सुनकर विवेक उसे बचाने लगा तो वह भी डूबने लगा। दोनों की चीख सुनकर घाट पर मौजूद लोग दौड़े लेकिन कुछ ही देर में दोनों पानी में डूब गए।
सूचना मिली तो पहले डायल 112 और फिर मेहंदौरी चौकी प्रभारी विनेाद कुमार पहुंच गए। उन्होंने फौरन गोताखोर बुलवाकर उन्हें नदी में उतारा। कपड़ों में मिली आईडी से पहचान हुई और इसके बाद सूचना दी गई तो घरवाले रोते-बिलखते घाट पर पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने पुष्पेंद्र को ढूंढ निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हालांकि विवेक का कुछ पता नहीं चला। गोताखोर देर शाम तक उसकी तलाश में जुटे रहे और फिर अंधेरा होने की वजह से तलाश बंद कर दी गई। मामले में शिवकुटी पुलिस ने बताया कि सुबह एक बार फिर से विवेक की तलाश की जाएगी।
दोनों परिवारों में मचा रहा कोहराम
हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा रहा। मृतक पुष्पेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर विवेक इकलौता पुत्र था। उसकी एक बहन है जो उससे छोटी है। उसके भी परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।