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धोखाधड़ी के मामले में पूर्व सांसद उमाकांत की जमानत खारिज

Thu, 11 Jun 2020 11:05 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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उमाकांत यादव - फोटो : अमर उजाला
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राजस्व अभिलेखागार में धोखाधड़ी कर कूट रचित आदेश बनाने के मामले में पूर्व सांसद उमाकांत यादव की जमानत अर्जी स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने खारिज कर दी है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. बालमुकुंद ने एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता और विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह गोपाल को सुन कर दिया है। प्रकरण जौनपुर के लाइन बाजार थाने का है। 

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वादी  संजीव कुमार जायसवाल ने 20 सितंबर 2017 को  रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी उमाकांत यादव उनके सहयोगियों ने राजस्व अभिलेखागार में कूट रचित आदेश तैयार किया और उसके आधार पर विवादित जमीन पर कब्जा किया। उक्त आदेश को कलेक्टर ने फर्जी माना। आरोपी की ओर से अपने बचाव में कहा गया कि उसने कोई कूट रचित आदेश नहीं बनाया है।

विवादित भूखंड पर चकबंदी अधिकारी के आदेश दिनांक 26 अक्तूबर 1994 के आदेश के तहत ही उसके नाम पर दर्ज हुआ था। उसे राजनीतिक दबाव के कारण आरोपी बनाया गया है। वह गंभीर रूप से बीमार है, जिसका इलाज एसजीपीजीआई लखनऊ में चल रहा है। कोरोना महामारी कोविड-19 के कारण उसे जमानत पर रिहा किया जाए। अभियोजन ने जमानत प्रार्थनापत्र का विरोध करते हुए कहा कि धोखाधड़ी के एक मामले में अभियुक्त को लोअर कोर्ट से सजा भी हो चुकी है और इसका लंबा आपराधिक इतिहास है। कोर्ट ने जमानत का आधार न पाते हुए उमाकांत यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। 

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