सीएमओ कार्यालय में तैनात डिप्टी सीएमओ डॉ. हेमंत सिंह पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है जो 15 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं डॉ. हेमंत सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताया है।
राममिलन की शिकायत के अनुसार डॉ. हेमंत सिंह ने 2017 से 2024 तक चाका सीएचसी में अधीक्षक रहते हुए सरकारी आवास होने के बावजूद मकान का किराया भत्ता लिया। उन पर जननी सुरक्षा योजना, रोगी कल्याण समिति और ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण समिति के फंड में अनियमितता के भी आरोप हैं।
वहीं डॉ. हेमंत सिंह का कहना है कि जननी सुरक्षा योजना और पोषण समिति के फंड से अधीक्षक का कोई लेनदेन नहीं होता। उन्होंने बताया कि सीएचसी चाका में अधीक्षक आवास रहने योग्य नहीं था, इसलिए एचआरए लिया। उनसे पहले भी कई अधीक्षकों ने एचआरए लिया है।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि डॉ. हेमंत सिंह सरकारी नियमों के विपरीत पिछले दस वर्षों से प्रयागराज में ही तैनात हैं। वर्तमान में वह सीएमओ कार्यालय में गैर संचारी रोग और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं।
जिलाधिकारी द्वारा मामले की जांच के लिए गठित की गई समिति में एडीएम सिटी सत्यम मिश्र, मुख्य कोषाधिकारी प्रत्यूष कुमार और सीएमओ डॉ. अरुण कुमार तिवारी को शामिल किया गया है।