अशरफ की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह पुराने शहर में हलचल मच गई। उसके रिश्तेदारों समेत तमाम समर्थक कैंट थाने के आस पास जमा हो गए। बड़ी संख्या में वकील भी पहुंच गए थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कैंट थाना पहुंचने के दोनों रास्तों को बेरीकेडिंग लगाकर सीलकर दिया। अधिकारियों के अलावा अशरफ से कोई भी नहीं मिल पाया।
अशरफ को पुलिस पकड़कर सीधे कैंट थाने ले आई। अतीक और अशरफ के वकीलों ने सुबह से ही लोगों को बताना शुरू कर दिया था कि पुलिस अशरफ को गिरफ्तार कर कैंट थाने लाई है। अशरफ के समर्थक गाड़ियां लेकर पहुंचने लगे। यकायक भीड़ देखकर पुलिस के हाथ पांव फूलने लगे। तुरंत फोर्स को कॉल किया गया। इसके बाद थाने के पास से भीड़ को हटा दिया गया।
कई वकील अशरफ से मिलने और उसका मेडिकल कराने पर अड़े थे, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। अशरफ से न तो वकीलों को मिलने दिया गया न ही घर वालों से। पुलिस की तमाम टीमों ने उससे पूछताछ की। तब तक एसटीएफ की टीम भी पूछताछ के लिए पहुंच गई। सीबीआई टीम को भी तड़के बता दिया गया था। सीबीआई भी पहुंच गई।
दिन भर अशरफ से पूछताछ होती रही। शाम को प्रेस कांफ्रेंस के बाद अशरफ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस दौरान भी समर्थक कचहरी और आस पास जुटे रहे। नैनी जेल तक समर्थक आगे पीछे लगे रहे।