सावन और सोमवार का इस बार भले ही अद्भुत संयोग हो, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से भोले भक्तों को भगवान से दूर ही रहना पड़ेगा। कामनाओं की पूर्ति के लिए सोमवार को व्रत रखकर कोई सौ किमी नंगे पैर पैदल चलकर देवाधिदेव को जलाभिषेक करने जाता था, कोई भगवान को प्रसन्न करने के लिए दौड़ते हुए डाकबम के रूप में हाजिरी लगाता था, लेकिन इस बार सबकुछ स्थगित रहेगा।
कांवड़ यात्राएं तो नहीं ही निकलेंगी, सावन के प्रत्येक सोमवार को होने वाले जालभिषेक पर्व पर प्रमुख शिव मंदिरों को पंद रखने की तैयारी है। सोमवार को जलाभिषेक के लिए लगने वाली भीड़ के अनुमान को लेकर प्रशासन ने सोमवार को शिव मंदिरों में संक्षिप्त पूजा के लिए मंदिर प्रबंधनों से चर्चा शुरू कर दी है।
इस बार सावन छह जुलाई सोमवार से आरंभ होकर तीन अगस्त सोमवार को ही खत्म होगा। पूरे पवित्र मास में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। ऐसे में शिव मंदिरों में सरकार की गाइड लाइन के अनुसार दर्शन पूजन कराने की तैयारियां की जा रही हैं। अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में शिव भक्तों को थर्मल स्क्रीनिंग केसाथ प्रवेश दिया जाएगा। महंत राजेंद्र पुरी के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए सावन में दर्शन-पूजन कराया जाएगा।
सोमेश्वर महादेव के दर्शन के लिए इस बार न तो कतारें लगेंगी और ना ही शोभायात्राएं निकाली जा सकेंगी। इसी तरह शहर के सर्वाधिक भीड़ वाले मनकामेश्वर महादेव में भी सावन की तैयारी शुरू कर दी गई है। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने मंदिर में सावन की तैयारियों के मद्देनजर मुआयना कर इंतजामों को परखा। उन्होंने मंदिर के पुजारी श्रीधरानंद से सोमवार को मंदिर बंद रखने पर विचार- विमर्श किया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि एसपी सिटी ने सोमवार को मंदिर बंद रखने का सुझाव दिया है। सावन में दर्शन-पूजन के लिए पहली बार बैरिकेडिंग भी कराई जाएगी। इसी तरह पडिला महादेव, तक्षक तीर्थ, नागवासुकि समेत अन्य शिव मंदिरों में भी सावन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
मनकामेश्वर मंदिर में बैरिकेडिंग आज से
प्रयागराज। सावन के मद्देनजर सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार से बैरिकेडिंग का काम शुरू होगा। कीडगंज पुलिस ने बैरिकेडिंग के मसले पर मंगलवार को मंदिर प्रबंधन से बात की। मंदिर के पुजारी ने बताया कि भक्तों की भीड़ इस मंदिर में अधिक होती है, इसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने बैरिकेडिंग कराने का निर्णय लिया है।