प्रयागराज। माघ मेले में मंगलवार को हुए संत सम्मेलन में गंगा और गाय माता की रक्षा के लिए एकजुट प्रयास करने का आह्वान किया गया। राष्ट्र हित से जुड़े मुद्दों और साधु-संतों की समस्याओं पर भी चिंतन किया गया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शीघ्र आरंभ कराने के लिए संतों ने एक स्वर से आवाज उठाई।
सेक्टर-तीन में महावीर मार्ग स्थित खाक चौक के जगदगुरु स्वामी कृष्णाचार्य महाराज के शिविर में दोपहर दो बजे संत सम्मेलन की शुरुआत हुई। इस सम्मेलन में प्रयागराज के अलावा अयोध्या, मथुरा, काशी, वृंदावन, हरिद्वार, लखनऊ समेत कई इलाकों के संतों ने हिस्सा लिया। संतों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के क्रम में सरकार को मंदिर निर्माण के लिए शीघ्र सर्वमान्य ट्रस्ट का गठन करना चाहिए। ताकि, अब बिना किसी देरी के अयोध्या में भगवान राम के अद्वितीय मंदिर का निर्माण आरंभ हो सके। संतों ने गंगा और गाय की दुर्दशा पर चिंता जताई। कहा कि गंगा की धारा लगातार कमजोर होती जा रही है। हरिद्वार के बाद शहरों, गांवों के गंदे नालों के अलावा कारखानों का कचरा गंगा में बहाया जा रहा है।
इस पर रोक लगनी चाहिए। इसके बिना गंगा निर्मलीकरण का सपना साकार नहीं हो सकता। गंगा नहीं बचेगी तो सनातन संस्कृति की भी रक्षा संभव नहीं हो पाएगी। इसलिए नालों को तत्काल बंद किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि रणनीति के तहत जल्द ही गंगा और गाय की रक्षा के लिए कदम उठाया जाएगा। गोशालाओं की व्यवस्था सुदृढ़ कराई जाएगी। सरकार की ओर से खोली गई गोशालाओं में चारा-पानी के अभाव में सैकड़ों गायों की मौत पर अफसोस जताया गया। साथ ही लोगों को गाय माता की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की गई। इस मौके पर स्वामी जन्मेजय शरण, स्वामी रंगारामनुजाचार्य, स्वामी राम लखन दास, स्वामी हरिप्रपन्नाचार्य समेत अनेक संत उपस्थित थे।