अबान के जनाजे हिस्सा लेने के लिए उमड़ी भीड़।
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प्रिजर्व वैन से पहुंचे उमर और अली
उमर और अली जिस प्रिजर्व वैन में सवार थे, उसके आगे-पीछे पुलिस की करीब 15 गाड़ियां चल रही थीं। सबसे पहले उमर कब्रिस्तान पहुंचा फिर अली। दोनों की सुरक्षा के लिए करीब 50 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बाद अहजम आया। फिर एंबुलेंस से अबान का शव कब्रिस्तान लाया गया।
मस्जिद के पास उठा जनाजा, गले मिले उमर-अली
कसारी-मसारी कब्रिस्तान स्थित मस्जिद के पास प्रिजर्व वैन से नीचे उतरते ही उमर और अली एक-दूसरे से गले मिले। इसके बाद अहजम के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के बाद अबान का जनाजा उठाया गया। फिर तीनों भाइयों ने शव को कंधा दिया। भीड़ के कारण पुलिस को घेरा बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
जमींदोज घर और हटवा में भी रही निगरानी
कसारी-मसारी कब्रिस्तान ही नहीं बल्कि आसपास के संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की कड़ी निगरानी रही। अतीक अहमद के जमींदोज घर और हटवा इलाके को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया। इन स्थानों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।