शिवकुटी में ड्यूटी पर तैनात सिपाही मनीष यादव से मारपीट, गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आखिरकार कार्रवाई हुई। नौ दिन बाद पुलिस ने इस मामले में सांसद के करीबी समेत आठ लोगों पर केस दर्ज किया। अफसरों का कहना है कि आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
घटना 27 अगस्त को मेहंदौरी चौकी के सामने हुई थी। यहां चेकिंग के लिए रोकने पर सिपाही मनीष से गालीगलौज व मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी। शनिवार को उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। उसने तहरीर में आरोप लगाया है कि घटना वाले दिन मास्क व हेलमेट न लगाने पर रोकने पर स्कूटी सवार दो लोगों ने गालीगलौज शुरू कर दी। साथ ही फोन कर हूटर लगी सफारीसवार अपने पांच-छह साथियों को बुला लिया। जिन्होंने खुद को सांसद का करीबी बताकर न सिर्फ मारपीट की बल्कि जान से मारने व वर्दी उतरवाने की भी धमकी दी।
घटना का वीडियो बनाने पर हमलावरों ने मोबाइल भी छीनने की कोशिश की। बाद में अन्य थानों की फोर्स आने पर हमलावर भाग निकले। तहरीर में यह भी बताया गया है कि हमलावरों में से एक कर्नलगंज के ऊंटखाना निवासी आनंद सिंह सोनकर है। शिवकुटी पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर एक नामजद व सात अज्ञात पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लोकसेवक को चोट पहुंचाने समेत कुछ छह धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
नौ दिन बाद कार्रवाई, उठे सवाल
मामले में भले ही रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हो, लेकिन कार्रवाई में देरी पर सवाल भी उठ रहे हैं। दरअसल घटना सरेआम होने के बावजूद शिवकुटी पुलिस ने उस दिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस बाबत शिवकुटी इंस्पेक्टर महेश सिंह से पूछा गया तो उन्होंने घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया था। अमर उजाला ने इस मामले में खबर भी प्रकाशित की। जिसका संज्ञान लेकर सीओ कर्नलगंज सुधीर कुमार ने पीड़ित सिपाही को बुलाकर पूछताछ की और मामला सही मिलने पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।