प्रेमी सहित तीन को पुलिस ने भेजा था जेल
पवन को पुलिस ने जेल भेज दिया था। बाद में जांच के बाद पवन के मौसेरे भाई रजनीश और उसके साथी शशि को भी पुलिस ने जेल भेजा था। पुलिस ने पवन और युवती के मोबाइल कॉल डीटेल्स को आधार बनाया था, जिसमें अंतिम मैसेज में युवती ने पवन को आई हेट यू लिखा था। पुलिस का कहना था कि पवन ने ही मर्डर और दुष्कर्म किया है।
हालांकि प्रेस कांफ्र्रेंस में न तो पवन ने हत्या की बात स्वीकार की थी न ही उसके मौसेरे भाई रजनीश और दोस्त शशि ने। बाद में पुलिस ने उनके डीएनए सैंपल भी लिए थे लेकिन रिपोट आई तो उनके सैंपल मैच नहीं हुए। पुलिस का भी कहना था कि तीनों को परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर ही जेल भेजा गया है।
इस मामले में एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का भी गठन हुआ था। एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि हत्या और दुष्कर्म में तीनों युवकों का रोल नहीं है। इसमें डीएनए रिपोर्ट समेत तमाम जांचों की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है।
एसआईटी की रिपोर्ट को एसएसपी ने शासन को भेजा। डीजीपी की अनुमति के बाद अदालत को 169 की रिपोर्ट भेजी गई। इसमें पुलिस आरोपियों पर से केस वापस ले लेती है। तीन दिन पहले पवन, शशि और रजनीश तीनों जेल से छूटकर घर आ गए।
फिर से होगी जांच, एसएसपी करेंगे पर्यवेक्षण
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि अब इस मामले की फिर से जांच की जाएगी। अभी एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी में कुछ और अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। एक दो दिन में वह मौके पर जाएंगे। पूरी जांच और विवेचना का पर्यवेक्षण वह खुद करेंगे।
प्रियंका गांधी और चंद्रशेखर समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे गांव में
गोहरी में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या में देश के कई बड़े नेता गांव पहुंचे थे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू और पीएल पुनिया के साथ गांव पहुंचे थे और परिवार वालों से मुलाकात कर सांत्वना दी थी। भीम आर्मी के चंद्रशेखर भी गांव गए थे। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे।