महाशिविर में 45 दिनों तक अनवरत हरी परशुराम महायज्ञ चला जिसमें 1 करोड़ 8 हजार आहुतियां हुई, लगभग 2 दर्जन देश के श्रद्धालुओं ने अपनी आहुतियां देकर श्री परशुराम महायज्ञ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भगवान श्री परशुराम जी के जीवन संस्करण पर आधारित भगवान परशुराम आर्ट गैलरी में भगवान परशुराम जी के बाल्यकाल से लेकर युद्धकाल तक चीजों को उल्लेखित किया गया तथा महत्वपूर्ण घटनाओं और 21 युद्धभूमियों का चित्रण किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप मे आचार्य राधा कृष्णमनोडी जी, केन्द्रीय मंत्री विश्व हिन्दू परिषद ने अपने सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद भारत का ही नहीं अपितु राष्ट्र का संगठन हो गया जिसका श्रेय संस्थापक प. सुनील भराला जी को जाता है। समाज के सभी वर्गों को एकता के सूत्र में राष्ट्रीय परशुराम परिषद ही पिरोएगी। भगवान श्री राम जी को भगवान की प्रतिष्ठा भगवान परशुराम जी ने दिलाई। अगर वह प्रथम बार पूजन कर भगवान न कहते तो भगवान की जानकारी किसी को न होती।