नगर निकाय चुनाव के करीब सवा दो साल बाद भाजपा में नामित पार्षद के लिए जोर आजमाइश चल रही है। मंत्रियों से इतर सांसदों, विधायकों और महापौर ने भी अपने-अपने करीबियों को नामित कराने को संगठन से संस्तुति की है। पार्टी से जुड़े दस लोगों के नाम लखनऊ मुख्यालय भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद प्रदेश अध्यक्ष की ओर से नामित पार्षदों को मनोनयन पत्र जारी किया जाएगा। नगर विकास विभाग इसके लिए नोटिफिकेशन भी करेगा।
दिसंबर में निकाय चुनाव के दो वर्ष पूरे हुए पर पार्षदों का मनोनयन अटका रहा। भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं ने आकाओं से गुहार लगाई तो प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा प्रदेश संगठन ने स्थानीय स्तर पर गठित त्रिस्तरीय कमेटी कर पार्टी की जड़ से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं के नाम मांगे।
सूत्रों के मुताबिक सूची में पांच पूर्व पार्षदों को शामिल किया जाना है। कुछ ऐसे भी कार्यकर्ता हैं, जिन्हें निकाय चुनाव में पार्टी ने टिकट न देकर नामित करने का भरोसा दिलाया था। प्रस्तावित सूची में एक मुस्लिम महिला का नाम भी शामिल किया गया है, लेकिन उसमें किसके नाम हैं, इस पर संगठन के पदाधिकारी ही नहीं नामित पार्षद बनने की होड़ में शामिल भाजपाई भी चुप्पी साधे हैं।
सलोरी के एक पूर्व पार्षद के नामित होने में भी संशय की स्थिति बताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि अंतिम समय में संभावित सूची में फेरबदल संभव है। साफ है कि जोर आजमाइश में जिसका जुगाड़ ज्यादा रहेगा, नामित पार्षदों की सूची में उसका नाम शामिल हो सकता है। इसके लिए कार्यकर्ता अपने-अपने आका की परिक्रमा भी कर रहे हैं।
00नामित पार्षदों की संभावित सूची00
1- नवरत्न कात्याल
2- पवन श्रीवास्तव
3- राजेश निषाद(पप्पू सीआईडी)
4- गिरि शंकर प्रभाकर (गिरि बाबा)
5- आनंद सोनकर
6- अमन बलेचा
7-आशीष गुप्ता
8-नीरज जायसवाल
9- गौरव मिश्रा
10-ओम प्रकाश विश्वकर्मा