घरों के दरवाजे-खिड़की बंद, दुकानों के गिरे शटर
आसपास रहने वाले लोग नाक और मुंह पर गमछा, रुमाल और मास्क बांधकर घरों से निकले। कई लोगों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं। दुकानदार भी असहज दिखाई दिए। कुछ समय के लिए कई दुकानों के शटर तक गिरा दिए गए। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोग बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर घटना की जानकारी लेने का प्रयास करते रहे। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर बंद मकान के भीतर ऐसा क्या हुआ कि चार लोगों की जान चली गई।
500 मीटर तक आवागमन प्रभावित
भीड़ बढ़ने के कारण साउथ मलाका चौराहे और उससे जुड़ी सड़कों पर यातायात प्रभावित हो गया। लोग अपने वाहन रोककर घटनास्थल की ओर देखने लगे। कुछ ही देर में जाम की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौराहे से लेकर आसपास की सड़कों तक करीब 500 मीटर लंबा जाम लग गया। पुलिसकर्मियों को यातायात सुचारु रखने के लिए लगातार मशक्कत करनी पड़ी।
फोरेंसिक टीम व पुलिस ने मास्क पहनकर की जांच
फोरेंसिक टीम और पुलिस अधिकारी मास्क लगाकर घटनास्थल पर जांच करते रहे। कई पुलिसकर्मियों को दुर्गंध के कारण बार-बार बाहर आना पड़ा। शवों की स्थिति और मकान के भीतर फैली बदबू से अंदाजा लगाया जा रहा था कि हत्या 24 से 48 घंटे पहले की गई। इलाके के बुजुर्गों का कहना है कि साउथ मलाका में उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी और भयावह घटना नहीं देखी। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या और कई दिनों तक किसी को भनक तक न लगना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।