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Prayagraj Murder Case : केस सुलझा, कई सवाल अब भी बरकरार, वारदात का मास्टर माइंड कोई और तो नहीं

Fri, 05 Jun 2026 11:21 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Crime News : शहर के बीचोबीच स्थित साउथ मलाका इलाके में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी की हत्या का खुलासा पुलिस ने 12 घंटे में भले कर दिया है लेकिन लोगों को खुलासे पर पूरी तरह से विश्वास नहीं हो रहा है। तमाम ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब नहीं मिला है। हत्या के पीछे सिर्फ एक ही व्यक्ति है या इसका मास्टर माइंड कोई और है। 
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वीरेंद्र वैश्य, पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटा अभिषेक। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

साउथ मलाका में वैश्य परिवार हत्याकांड का खुलासा भले ही पुलिस ने 12 घंटे के भीतर कर दिया हो लेकिन कई सवाल अब भी जवाब के इंतजार में हैं। संदेह इसलिए भी है क्योंकि पुलिस की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड के पीछे सिर्फ एक व्यक्ति था? या फिर कहानी में अभी कुछ और किरदार सामने आने बाकी हैं।

जिस अभिषेक को घटना का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वह अब जीवित नहीं है। यानी शनि की कहानी को सही या गलत साबित करने वाला कोई नहीं? जैसा शनि कहता जा रहा है वही सच माना जा रहा है। पुलिस भी इस गुत्थी को समझ रही है और मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच में पता चला है कि आरोपी शनि गुप्ता रोजाना रात करीब 10 बजे तक अपने घर पहुंच जाता था।

घटना वाले दिन वह पूरी रात घर नहीं लौटा। हैरानी की बात यह है कि रात करीब एक बजे ही उसके भाई ने साउथ मलाका चौकी पहुंचकर शनि की गुमशुदगी की सूचना दे दी। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर महज तीन घंटे में ही परिजनों को उसकी गुमशुदगी की चिंता क्यों होने लगी? आमतौर पर परिवार के लोग एक-दो दिन नाते-रिश्तेदारी या दोस्तों के यहां तलाश के बाद गुमशुदगी की सूचना देते हैं।

उधर, आरोपी भी कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटा अभिषेक की हत्या करने के बाद पूरी रात घर पर रुका रहा। उसके पास वारदात को अंजाम देने के बाद भागने का पूरा मौका था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। जब वह सुबह पांच बजे घर से बाहर निकलने लगा तो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की वजह से आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

दोस्त की हत्या के बाद गहने क्यों छोड़ गया?

आसपास के लोगों में दूसरा बड़ा सवाल लूटे गए जेवरात को लेकर है। पुलिस के अनुसार, शनि गुप्ता ने करीब एक किलो सोने और 360 ग्राम चांदी के जेवर लूटे थे। उसने इन्हीं जेवरों के बंटवारे की वजह से अभिषेक की हत्या कर दी। सवाल यह है कि जिस संपत्ति के लिए उसने चार हत्याएं कर दीं, उन्हीं जेवरात से भरा बैग वह अपनी दुकान के ऊपर छज्जे पर छोड़कर घर क्यों चला गया? यदि उसका मकसद सिर्फ लूट था तो वह जेवरात लेकर फरार क्यों नहीं हुआ?

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Prayagraj Mass Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

कहीं सुनियोजित तरीके से तो नहीं हुई हत्या...

चार हत्या करने के बाद आरोपी अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़कर घर क्यों चला गया? अपराध के बाद अधिकतर आरोपी अपने मोबाइल को नष्ट करने की कोशिश करते हैं, न कि वारदात स्थल के पास छोड़कर जाते हैं। ऐसे में मोबाइल छोड़ना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल पर लौटकर आया था।

उसने निकलते समय चेहरा छिपाने का भी जतन नहीं किया। चेहरा छिपाकर पहचान का संकट भी खड़ा नहीं किया? इससे यह आशंका जताई जा रही है कि पूरे घटनाक्रम को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है, न कि अचानक योजना बनी है। जानकारों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के अध्ययन से ऐसा लगता है जैसे आरोपी ने खुद की मौजूदगी और लूट को साबित करने के सारे साक्ष्य पुलिस के लिए खुद ही छोड़ दिए, ताकि मामला सिर्फ लूट केंद्रित होकर खत्म हो जाए।

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Prayagraj Mass Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

पर्दे के पीछे कोई और तो नहीं...

पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि पर्दे के पीछे कोई और तो नहीं? क्या शनि गुप्ता के अलावा कोई और व्यक्ति इस हत्याकांड की जानकारी रखता था? या किसी और ने इस मामले में मदद पहुंचाई। कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारी किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। यही वजह है कि केस का खुलासा होने के बावजूद कई सवाल लोगों के मन में बने हुए हैं।

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सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी - फोटो : अमर उजाला

अभी इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

- रात 10 बजे घर पहुंचने वाला शनि उस रात घर क्यों नहीं लौटा?

-एक घंटे में पूरी वारदात हो गई तो घर में 11 घंटे तक क्यों रुका रहा?

- महज तीन घंटे में भाई गुमशुदगी दर्ज कराने चौकी क्यों पहुंच गया?

- करोड़ों के जेवर दुकान के छज्जे पर छोड़कर आरोपी घर क्यों चला गया?

- लूट के लिए हत्या की तो जेवर लेकर फरार क्यों नहीं हुआ?

- आरोपी अपना मोबाइल फोन दुकान पर ही क्यों छोड़ दिया?

- क्या हत्या के पीछे सिर्फ शनि था या कोई और भी शामिल था?

- क्या पुलिस को अभी और किरदारों की तलाश है?

- अभिषेक की हत्या करने के बाद उसका चेहरा उसने एसिड से क्यों जलाया?

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