बढ़े वाटर टैक्स के खिलाफ मंगलवार को पार्षदों ने दलीय सीमाएं भूलकर नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर करीब तीन घंटे धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने जलकर में वृद्धि को नियम विरुद्ध बताया। सिविल लाइंस में सड़क किनारे सर्विस लेन पर पार्किंग ठेका निरस्त करने, जलकल का नया स्लैब रेट निर्धारित करने के साथ अन्य मुद्दों पर जनहित में निर्णय लेने की मांग की गई। नगर आयुक्त रवि रंजन को ज्ञापन देकर नई दरों के निर्धारण तक वाटर टैक्स वसूली रद करने का अनुरोध किया गया।
पार्षद, पूर्व पार्षद संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे पार्षदों ने सभा में कहा कि नगर निगम और जलकल विभाग में भ्रष्टाचार दूर किया जाए। जिन व्यावसायिक भवनों में नल कनेक्शन नहीं हैं, उन्हें कर से रियायत दी जाए। इन्ही भवनों पर गृहकर की दरों को पांच से घटाकर दो गुना किया जाए।
नगर आयुक्त रवि रंजन को दस सूत्री ज्ञापन देते समय संयोजक पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह ने कहा कि नगर निगम की चंद्रशेखर आजाद लाइब्रेरी की उपेक्षा बंद कर पांडुलिपियों का रखरखाव कराया जाए। उन्होंने मामले में न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 11 से दो बजे तक धरना स्थल पर पार्षदों, पूर्व पार्षदों ने जोरदार नारेबाजी कर माहौल गरम कर दिया।
विरोध जताने के लिए धरना स्थल पर पूर्व कार्यकारिणी अध्यक्ष रतन दीक्षित, वरिष्ठ पार्षद कमलेश सिंह, आनंद घिल्डियाल,अशोक सिंह, जफर खान, अनीश अहमद, आजम, रंजन कुमार, अल्पना निषाद, अकीलुर्रहमान, अमरजीत यादव, अमित सिंह बबलू, दिनेश गुप्ता छेदी, अशोक कुमार, अनुराधा समेत बड़ी संख्या में पार्षद, पूर्व पार्षद मौजूद रहे।