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High Court : नाबालिग आश्रित की सुरक्षा व भविष्य की व्यवस्था पर ध्यान नहीं देने पर प्रयागराज के नगर आयुक्त तलब

Wed, 12 Nov 2025 03:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे में सौतेली मां की नियुक्ति के वक्त नाबालिग बेटी की सुरक्षा, संरक्षा व भविष्य कल्याण पर ध्यान नहीं देने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने 13 नवंबर को नगर आयुक्त को तलब किया है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता की मृत्यु के बाद आश्रित कोटे में सौतेली मां की नियुक्ति के वक्त नाबालिग बेटी की सुरक्षा, संरक्षा व भविष्य कल्याण पर ध्यान नहीं देने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने 13 नवंबर को नगर आयुक्त को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने नाबालिग बेटी वर्षा की याचिका पर दिया है।

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नगर निगम में याची के पिता कार्यरत थे। 2009 में याची की मां की मौत होने पर उसके पिता ने सुशीला से विवाह किया था। वहीं, सेवा के दौरान चार जून 2023 को याची के पिता की मौत हो गई। ऐसे में सुशीला को अनुकंपा नियुक्ति दी गई। वहीं, नाबालिग आश्रित के भविष्य कल्याण का ध्यान नहीं दिया गया। याची इस समय अपने मामा के साथ रही है। ऐसे में उसने सुरक्षा, भविष्य कल्याण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

कोर्ट ने कहा, मृतक आश्रित सेवा नियमावली के तहत नियुक्ति देते वक्त आश्रितों की देखभाल व उनके हितों की पूर्ति करने का हलफनामा लेना चाहिए। अधिकारियों ने नियमों का पालन नहीं किया। अधिकारियों का कानूनी ही नहीं, नैतिक दायित्व है कि वह नाबालिग आश्रित की सुरक्षा, संरक्षा व भविष्य कल्याण के हितों को सुरक्षित करें। कोर्ट के निर्देश पर नगर निगम ने 10,69,960 रुपये के दो चेक दिए पर याची की पढ़ाई और भविष्य के बारे में विचार नहीं किया।

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