सीएम के आदेश पर अभद्रता का आरोप
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ईशारे पर उनके साथ अभद्रता की गई और उन्हें संगम स्नान करने से रोका गया। उनकी हत्या का प्रयास किया गया। अगर वह रथ से उतर जाते तो उनकी हत्या हो जाती। सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिस के जवानों ने उनका अपहरण करने का प्रयास किया। पांच घंटे तक उनको अज्ञात स्थान पर रखा गया और शाम को उनको शिविर के सामने पहुंचा दिया गया।
हालांकि मेला प्रशासन ने शंकराचार्य के आरोपों का खंडन किया। कहा कि वह शंकराचार्य नहीं नहीं, इसलिए उनको शंकराचार्य का प्रोटोकाल नहीं दिया गया। अब मेला प्रशासन ने नोटिस जारी करके अविमुक्तेश्वरानंद से उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांग लिया है। इसके लिए 24 घंटे का समय दिया है। इसका उत्तर देने के लिए अविमुक्तेश्वरानंद ने दोपहर तीन बजे प्रेसवार्ता बुलाई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वह भी मेला प्रशासन को नोटिस जारी करेंगे।
तीसरे दिन भी जारी रहा शंकराचार्य का धरना
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना तीसरे दिन भी जारी है। माघ मेले में त्रिवेणी मार्ग पर वह अपने शिविर के सामने फुटपाथ पर बैठे हुए हैं। यहां पर बड़ी संख्या में साधु संतों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग उनके समर्थन में पहुंच रहे हैं। शंकराचार्य मेला प्रशासन से माफी मांगने पर अड़े हैं। कहा कि वह तब तक शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे जब तक कि ससम्मान उनको संगम में स्नान करा कर शिविर में प्रवेश नहीं कराया जाता। यह भी कहा कि वह अगले साल भी मेले में आएंगे और इसी तरह फुटपाथ पर बैठेंगे और शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे।