ईरान और अमेरिका के बीच भले ही युद्ध विराम की घोषणा हो गई है, लेकिन वैश्विक तनाव की आंच अब भी संगमनगरी के घरों तक पहुंच रही है। लंबे समय तक चली खींचतान और खाड़ी देशों में असुरक्षा के माहौल ने रोजमर्रा की जरूरत की चीजों, खासकर मसालों और सूखे मेवों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ला दी है।
ईरान और खाड़ी देशों से होने वाली आवक प्रभावित होने से आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ गया है। बाजार में सबसे ज्यादा तेजी कपूर की कीमत में देखी जा रही है। दो माह पहले बाजार में जो कपूर 600 से 650 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर उपलब्ध था, अब उसकी कीमत 900-1200 रुपये तक पहुंच गई है।
वहीं, कारोबारी दीपक केसरवानी के अनुसार थोक बाजार में गरम मसालों की कीमतों में 200 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। छोटी इलायची मार्च की शुरुआत में करीब 3000 रुपये प्रति किलो थी, अब 3600 रुपये पर पहुंच गई है। वहीं, बड़ी इलायची भी 2000 से बढ़कर 3000 रुपये प्रति किलो हो गई है। जावित्री 2400 से बढ़कर 2800 प्रति किलो हो गई है। वहीं लौंग 30 से 40 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है। काली मिर्च के दाम में 50 रुपये, जीरा के दाम में 40 रुपये, धनिया के दाम में 50 रुपये किलो की बढ़ोत्तरी हुई है।
डेढ़ महीने पहले जो किशमिश 300 से 400 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 450 रुपये के पार है। खजूर के दाम में भी 300 से 400 रुपये की भारी वृद्धि हुई है। स्थानीय किराना व्यवसायी प्रमिल केसरवानी के अनुसार, आपूर्ति शृंखला बाधित होने और आयात में आ रहीं दिक्कतों के कारण फिलहाल कीमतों में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है।
मसाला : एक माह पहले का दाम : वर्तमान दाम
जीरा : 280 रुपये प्रति किग्रा : 320 रुपये प्रति किग्रा
काली मिर्च : 850 रुपये प्रति किग्रा : 900 रुपये प्रति किग्रा
धनिया : 130 रुपये प्रति किग्रा : 180 रुपये प्रति किग्रा
हल्दी : 200 रुपये प्रति किग्रा : 220 रुपये प्रति किग्रा
छोटी इलायची : 3200 रुपये प्रति किग्रा : 3600 रुपये प्रति किग्रा
जावित्री : 2400 रुपये प्रति किग्रा : 2800 रुपये प्रति किग्रा