प्रयागराज माघ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
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गंगा का जलस्तर अधिक होने से मेला प्रशासन के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। जमीन दलदली होने से समतलीकरण का काम भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने शासन को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि प्रयागराज की ओर आ रहे पानी को नहरों में डायवर्ट किया जाए, ताकि मेले की बसावट पर तेज गति से काम किया जा सके।
हालांकि, मेला क्षेत्र में पांटून पुल और चकर्ड प्लेट वाले रास्तों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है लेकिन जलस्तर अधिक होने से मेला बसाने के लिए पर्याप्त जमीन नहीं मिल पा रही है। कुंभ के बाद यह पहला माघ मेला होने जा रहा है। ऐसे में अफसरों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। बड़ी संख्या में संस्थानों ने भी जमीन आवंटन के लिए आवेदन किए हैं।
दूसरी ओर मेला बसाने के लिए जमीन समतलीकरण भी शुरू किया जा चुका है लेकिन इस बार अधिक समय तक आई बाढ़ के कारण जमीन का बड़ा हिस्सा दलदली हो चुका है। इससे समतलीकरण में भी दिक्कत आ रही है। मंडलायुक्त को शासन को पत्र लिखना पड़ा है कि प्रयागराज की ओर आ रहे पानी को नहरों में डायवर्ट कर दिया जाए, ताकि जलस्तर कम हो और मेले की लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।