संगम में स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देता श्रद्धालु।
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पौष पूर्णिमा स्नान के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा
माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के सकुशल संपन्न होने के बाद सोमवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रथम स्नान के दौरान सामने आईं कठिनाइयों व उनके निराकरण को लेकर विभिन्न विभागों से जानकारी ली। मंडलायुक्त ने मेला क्षेत्र में नल, विद्युत, शौचालय सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन किया। जहां-जहां सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां अतिशीघ्र कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक के बाद मंडलायुक्त ने संगम नोज सहित मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी स्नान पर्वों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।
माघ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा
जल निगम द्वारा की गई अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल निगम के मुख्य अभियंता ने बताया कि मेला क्षेत्र में 23 स्थानों पर अतिरिक्त फायर हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं जिन्हें ट्यूबवेल से जोड़ा गया है। इन फायर हाइड्रेंट्स के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में फायर टेंडर वाहनों को मात्र 12 मिनट में ही पानी से भरा जा सकेगा जिससे आग की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। ब्यूरो
अवैध टेंट और दुकानों पर कार्रवाई के निर्देश
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने मेला क्षेत्र में अवैध रूप से टेंट लगाकर रह रहे लोगों को तत्काल हटाने और सड़कों पर अवैध तरीके से दुकान लगाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला क्षेत्र में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।