Prayagraj Magh Mela Golden Boy :माघ मेले की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक छटा के बीच एक ऐसा दृश्य भी उभरता है, जो अनायास ही राहगीरों को ठिठकने पर मजबूर कर देता है। भानु ठाकुर, जिन्हें लोग प्यार से “गोल्डेन बॉय” कहते हैं, इस विराट मेले में अपनी अद्भुत कला के साथ उपस्थित हैं।
माघ मेले की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक छटा के बीच एक ऐसा दृश्य भी उभरता है, जो अनायास ही राहगीरों को ठिठकने पर मजबूर कर देता है। भानु ठाकुर, जिन्हें लोग प्यार से “गोल्डेन ब्वॉय” कहते हैं, इस विराट मेले में अपनी अद्भुत कला के साथ उपस्थित हैं। मुरादाबाद के रहने वाले भानु ठाकुर मानव-प्रतिमा (लिविंग स्टेच्यू) की परंपरा को जीवंत करते हुए ऐसी साधना में लीन दिखाई देते हैं, मानो समय स्वयं उनके सामने ठहर गया हो। एक ही मुद्रा में पूरे एक घंटे तक स्थिर खड़े रहना, यह केवल शारीरिक संतुलन नहीं, बल्कि मन, प्राण और संकल्प की अनुशासित साधना का प्रमाण है।
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सुनहरी रंगत से सजी उनकी देह, निश्चल दृष्टि और शांति से भरा भाव, ये सब मिलकर दर्शकों के मन में विस्मय और आनंद का संचार करते हैं। मेले की भीड़ में जहां कदम-कदम पर चहल-पहल है, वहीं भानु की स्थिरता एक मौन संवाद रचती है, जो थके चेहरों पर मुस्कान बिखेर देती है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पल भर के लिए कल्पना-लोक में ले जाती है।
माघ मेला की सांस्कृतिक परंपरा में ऐसे कलाकार रंग भरते हैं, जो मनोरंजन के साथ-साथ साधना, अनुशासन और सौंदर्यबोध का संदेश भी देते हैं। भानु ठाकुर की यह प्रस्तुति न सिर्फ देखने योग्य है, बल्कि यह बताती है कि कला जब तपस्या से जुड़ती है, तो वह भीड़ के बीच भी शांति और स्थिरता का दीप जला देती है।