स्नान करते समय अचानक गहरे कुंड में चली गईं और डूबने लगीं। इसी बीच वहा अन्य लोगों ने जब देखा तो बचाने की कोशिश की लेकिन विफल रहे। सपना व नेहा गहरे पानी में समा गईं। यह देख स्नान कर रही दोनों की सहेली नीतिका व उर्मिला रोती बिलखती गांव पहुंचीं और घटनाक्रम को बताया तो गांव में कोहराम मच गया। सूचना पाकर उपजिलाधिकारी सोरांव अनिल कुमार चतुर्वेदी, प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज सुरेश सिंह, एडिशनल एसपी व पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक वैंकट घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों की दो टीमें बुलाकर दोनों शवों की तलाश कराई।
लगभग 5 घंटे के अथक प्रयास के बाद गोताखोरों ने घटना स्थल से कुछ दूर पर नदी में डूबी छात्राओं का शव निकला। दोनों छात्राओं का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। सपना की मां मीना देवी, छोटी बहन रेखा, भाई आकाश व नेहा की मां उर्मिला, भाई सूरत व शुभम का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे। परिजनों ने किसी भी प्रकार की सरकारी सहायता लेने से इंकार करते हुए दोनों छात्राओं के शव का अंतिम संस्कार गंगा घाट पर कर दिया।