श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से रामनवमी के उपलक्ष्य में रविवार को राम राज्याभिषेक समारोह में नृत्य एवं गायन के संगम ने अद्भुत समा बांधा। लगान फेम अदाकारा और नृत्यांगना ग्रेसी सिंह ने नृत्य नाटिका ‘वृंदावन’ के तहत अपने अद्भुत आंगिक अभिनय से आनंदित, सम्मोहित किया। नृत्यनाटिका के तहत एक भक्त की मथुरा, वृंदावन सहित ब्रजधाम की यात्रा की छवियों को मंच की भाषा में सुनाते, दिखाते हुए ग्रेसी एवं साथी कलाकारों ने दर्शकों को भी ब्रज की गलियों की सैर कराई। प्रयागराज के ही कवि नारायण अग्रवाल की रचना, परिकल्पना ‘वृंदावन’ के तहत ग्रेसी ने देवकीनंदन के अनगिन रूपों का रसपान कराते हुए मंच को जीवंत किया। दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
वहीं समान रूप से स्त्री एवं पुरुष के स्वरों का जादू बिखेरते हुए गायक राम अय्यर ने सत्यम, शिवम, सुंदरम सहित कई सदाबहार गीतों से समां बांधा। श्रोताओं ने एक के बाद कई फरमाइश भी की। लोकरंगों के तहत राजस्थान के बरियाम खान का मणियार गायन आंचलिक छवियों का सुंदर नमूना रहा। इसी क्रम में आनंद किशोर की टीम के कलाकारों ने पारंपरिक ढेड़िया और झूमर नृत्यों की मनभावन प्रस्तुतियों से मंच को सजाया। प्रस्तुति के अनुरूप प्रकाश संयोजन ने प्रस्तुति को प्रभावी बनाया। नृत्य एवं गायन के विविध रूपों को बखूबी एक दूसरे से पिरोते हुए संचालन मीडिया प्रभारी लल्लू लाल गुप्त ‘सौरभ’ने किया।
पथरचट्टी का रामबाग रामलीला मैदान रविवार को रामदरबार की उपस्थिति से समृद्ध हुआ। जयकारों और 51 ब्राह्मणों के स्वस्तिवाचन के बीच ‘भगवान राम’ राजगद्दी पर विराजे। कार्यकारी अध्यक्ष पंडित मुकेश पाठक और महामंत्री आनंद सिंह ने श्रद्धा एवं आदरपूर्वक राम, सीता सहित चारों भाइयों को राजगद्दी पर आसीन कराया।
मुख्य अतिति न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने बहुपात्रों से राजा राम की आरती उतारी। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति प्रकाश पांड्या और सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने राम की महिमा बखानी। आरंभ में अतिथियों ने दीप जलाकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम में धर्मेंद्र कुमार, राजीव गुप्ता ‘बिट्टू’, अमर वैश्य ‘मुन्ना भइया’, पवन जैन, सुधीर शर्मा सहित अनेक विशिष्टजन मौजूद थे।