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प्रयागराजः बैंक से एसआरएन अस्पताल तक मचा रहा कोहराम

Sat, 20 Jul 2019 01:15 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Prayagraj: Kohram being up to SRN Hospital
मऊआइमा में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद बैंक से लेकर एसआरएन अस्पताल तक कोहराम मचा रहा। मैनेजर अनिल कुमार दोहरे गोली लगने के बाद बैंक पहुंचे तो उन्हें लहुलुहान हालत में देख सहकर्मियों के होश उड़ गए। आननफानन में उन्हें कार में लादकर एसआरएन लाया गया लेकिन कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। साथी की मौत पर जहां बैंककर्मी स्तब्ध थे, वहीं परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नीरज ने बताया कि अनिल गाड़ी चला रहे थे जबकि वह उनके बगल की सीट पर बैठा हुआ था। पीछे की सीट पर उसने अपना बैग रख दिया था जैसा कि वह अमूमन करता है। उसने यह भी बताया कि वह मरखामऊ असरहा के पास बांका जलालपुर प्राइमरी स्कूल के पास पहुंचे थे कि तभी बाइक पर तीन युवक खड़े दिखे। गाड़ी उन्हें पार कर कुछ दूर बढ़ी ही थी कि तभी पीछे से तीनों युवक बाइक पर सवार होकर आए और कुछ आगे जाने पर ओवरटेक कर कार रुकवा ली। बाइक से उतरे युवक के हाथ में असलहा देख उनके होश उड़ गए। हालांकि अगले ही पल उसने गोली दाग दी।

पुलिस के मुताबिक, नीरज ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर एक पल के लिए उसकी आंखें बंद हुईं। अगले पल जैसे ही उसने आंखें खोली, ड्राइवर सीट पर बैठे अनिल लहुलुहान हालत में पड़े थे। इस पर वह दहशत में आ गया। इसी दौरान बदमाश पीछे आया और असलहे की बट से ही वार कर शीशा तोड़कर सीट पर रख बैग निकाल लिया। हालांकि तभी घायल होने के बावजूद हिम्मत दिखाते हुए अनिल ने गाड़ी भगा ली और फिर सीधे बैंक जाकर रुके। नीरज ने शोर मचाया तो कर्मचारी बाहर आए। तब तक अनिल का काफी खून बह चुका था। उन्हें इस हालत में देख साथी कर्मचारी स्तब्ध रह गए। नीरज के साथ ही आरिफ नाम के कर्मचारी ने अनिल को संभाला और फिर कार से ही लेकर अस्पताल जाने लगे। तब तक एसआई गौरव सिंह पहुंच गए और रास्ते से ही अनिल को लेकर सीएचसी पहुंचे। हालांकि हालत गंभीर देखते हुए उन्हें एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिसके बाद कार से ही उन्हें लेकर साथी व पुलिस एसआरएन पहुंची। लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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bank - फोटो : प्रयागराज
उधर घटना की जानकारी मिलते ही बैंक मैनेजर की पत्नी मंजू व बड़ी बेटी रितू(24) बदहवास हालत में एसआरएन अस्पताल पहुंच गईं। उनकी हालत देखते हुए अनिल के साथियों ने उन्हें उनकी मौत की खबर नहीं दी। उनसे सिर्फ इतना कहा गया कि उनका ऑपरेशन चल रहा है। इस दौरान मंजू बार-बार पति और रितू पापा को एक बार देखने की बात कहती रही। इसी दौरान उन्हें समझाते हुए कई रिश्तेदारों व बैंककर्मियों की आंखें नम हो गईं। जिस वक्त घटना हुई बैंक मैनेजर की छोटी बेटी खुशबू(18) कोचिंग व बेटा श्रेष्ठ(14) स्कूल गया था। किसी तरह रिश्तेदारों के जरिए उन्हें भी अस्पताल बुलवाया गया। वहां पिता की मौत की खबर मिलते ही खुशबू बिलखने लगी।
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bank manager doughter - फोटो : प्रयागराज
उधर तब तक साथी को गोली लगने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी एसआरएन अस्पताल में जुट गए थे। वहां उनकी मौत की खबर मिलने पर वह स्तब्ध रह गए। अस्पताल मेें इलाहाबाद बैंक के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य बैंकों के भी कर्मचारी पहुंचे थे। सभी जहां साथी की मौत पर दुखी थे, वहीं उनमें घटना को लेकर आक्रोश भी था। इनमें से कई तो कुछ बोलने की भी हालत में नहीं थे। अस्पताल पहुंचने वालों में इलाहाबाद बैंक के सीजीएम डॉ. राहुल श्रीवास्तव, डीजीएम शशिकर दलाल, कर्मचारी नेता मदन जी उपाध्याय आदि शामिल थे।
पिता को देखते ही बिलखने लगे नीरज

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bank manager wife - फोटो : प्रयागराज
 उधर आंखों के सामने ही अपने सीनियर की हत्या होते देखने वाले डिप्टी मैनेजर नीरज जायसवाल निवासी बाघंबरी गद्दी, अल्लापुर घटना के काफी देर बाद तक दहशत में दिखे। हालात यह रहे कि वह कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थे। काफी देर तक वह एक कोने में खड़े रहे। अस्पताल पहुंचे सहकर्मियों ने हिम्मत बंधाई तो वह कुछ बोल पाने की स्थिति में आए। तब तक बैंक के वकील भी पहुंच गए थे। इसके बाद नीरज की ओर से मामले की तहरीर लिखी गई।
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bank manager - फोटो : प्रयागराज
तहरीर लिखने के बाद नीरज एसआरएन चौकी के सामने खड़े थे कि तभी उनके पिता ओम जायसवाल वहां पहुंचे। पिता को देखते ही नीरज की आंखें भर आईं। इस दौरान पिता के साथ आए उनके एक परिचित ने उन्हें ढंाढस बंधाने की कोशिश की तो वह उनके गले लगकर बिलखने लगे। जिसके बाद साथी बैंक कर्मचारियों ने उन्हें किसी तरह शांत कराया। इसके बाद पिता उन्हेें लेकर घर चले गए। एक साल पहले ही हुआ था ट्रांसफर पूछताछ में पता चला है कि अनिल मूल रूप से कानपुर के रहने वाले थे। इससे पहले उनकी तैनाती कोलकाता के आसनसोल में थी जहां से वह एक साल पहले ही ट्रांसफर कराकर बांका जलालपुर शाखा में आए थे। हालांकि कालिंदीपुरम में उनका परिवार करीब 15 सालों से रह रहा था। बड़ी बेटी रितू की इसी साल नवंबर में शादी तय थी।
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