दिवाली का त्योहार करीब आते ही शहर के बाजार मूर्तियों और दीयों से सज गए हैं। गणेेश-लक्ष्मी की तरह-तरह की मूर्तियां काफी पसंद की जा रही हैं। मिट्टी और पीवीसी से बनीं रंग-बिरंगी मूर्तियां दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं।
दिवाली का त्योहार करीब आते ही शहर के बाजार मूर्तियों और दीयों से सज गए हैं। गणेेश-लक्ष्मी की तरह-तरह की मूर्तियां काफी पसंद की जा रही हैं। मिट्टी और पीवीसी से बनीं रंग-बिरंगी मूर्तियां दुकानों की शोभा बढ़ा रही हैं। हिम्मतगंज के टिंकू बताते हैं कि गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां 50 से 350 रुपये तक जबकि मिट्टी के लैंप 150 से 300 रुपये के मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा है और पिछले साल के मुकाबले इनके दाम बढ़े हैं।
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अनिल कुमार का कहना था कि उनके पास 50 से 1100 रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। तवा दीये 200 रुपये के और छोटे दीये 20 रुपये के बिक रहे हैं। लोग अपने मंदिर के हिसाब से मूर्तियां खरीद रहे हैं। लूकरगंज के सूरज के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले बिक्री थोड़ी कम है पर मध्यम आकार की मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
झलवा के मूर्ति विक्रेता जीतेंद्र ने बताया कि उनके यहां मूर्तियां 50 से 1000 रुपये तक में उपलब्ध हैं। भगवान के कपड़े 20 रुपये से शुरू हैं। झलवा चैराहे के हनुमान ने बताया कि उनके पास मिट्टी और पीवीसी की मूर्तियां हैं। पीवीसी की मूर्तियां 100 रुपये वहीं मिट्टी की 80 रुपये से शुरू हैं। मंदिरों के लिए बड़ी मूर्तियों की मांग ज्यादा है।