स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में युवती से रेप के आरोप का मामला धीरे-धीरे गरमाता जा रहा है। सपा नेता के लगातार प्रदर्शन किए जाने के साथ बुधवार को पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबट्रीज (पीयूसीएल) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी अलग-अलग बैठक मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के रेप के आरोप के मामले में बुधवार को कैंडल जला कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मामले सीएमओ और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की आवाज बुलंद की। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया। रिचा सिंह ने कहा कि घटना में कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने आईजी को पत्र भी भेजा है। इस मौके पर मुजफ्फर बाग़ी, प्रमोद यादव बच्चा, मो. इमरान, पिन्टू यादव, सचिन दास, संदीप, सूरज मिश्रा, मुकेश, काशान सिद्दीकी, मो. मुजीब, नौशाद सिद्दीकी, औन जैदी, सै. मो. अस्करी आदि शामिल रहे।
प्रयागराज। जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य कोशलेश कुमार सिंह ने बुधवार को आईजी और सीएमओ को लीगल नोटिस पकड़ाई है। नोटिस में सवाल खड़े किए गए हैं। कहा गया है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले आईजी लेवल के अधिकारी द्वारा आरोपियों को क्लीन चिट दिए जाने से जांच प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। कहा गया है कि जब आईजी लेवल का अधिकारी आरोपियों को क्लीन चिट दे चुका है तो सब इंस्पेक्टर लेवल का अधिकारी उस आरोपी को दोषी कैसे ठहरा सकता है? इसी विरोधीभासी स्थिति को देखते हुए लीगल नोटिस जारी की गई है। पुलिस का यह कार्य आईपीसी और सीआरपीसी के प्रावधानों के बाहर है।