कमाल दिखाता रहा कुम्मैद, रॉकेट
0 गजब के रोमांच के बीच शहरियों ने लिया ‘गहरेबाजी’ का लुत्फ
0 गहरेबाजी के शौकीनों में शमिल रहे दिल्ली, नोएडा से आए लोग
प्रयागराज। सोमवार को जहां शिव मंदिरों में भोले के भक्तों का जमावड़ा रहा, वहीं शहर की संस्कृति की पहचान ‘गहरेबाजी’ का रोमांच भी परवान चढ़ा। परंपरागत रूप से सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने से मेडिकल कॉलेज चौराहे तक गहरेबाजी प्रतियोगिता हुई जिसमें कदमबाज घोड़ों ने जमकर प्रदर्शन किया। बीते कई दिनों से गहरेबाजों की ओर से घोड़ों की सेहत पर ध्यान देते हुए जो अभ्यास कराया जा रहा था, वह गहरेबाजी में देखने को भी मिला। गहरेबाजों के साथ ही सड़क किनारे जुटे गहरेबाज रोमांच के बीच गहरेबाजी का लुत्फ लेते रहे। शौकीनों में दिल्ली और नोएडा से आए लोग भी शामिल थे।
गोपाल महाराज के बेटे गोलू भाई के कुम्मैद ने पंचकल्याण गज़ब की चाल दिखाई। गुड्डू केसरिया का पीला घोड़ा भी गज़ब रफ़्तार व चाल के साथ दौड़ता रहा। भइय्यन महाराज का कुम्मैद, राकेट जिसे विष्णु शर्मा चला रहे थे, गजब की लय में चला। वहीं कटरा के बदरे आलम का काला घोड़ा देर तक दर्शकों को रोमांचित करता रहा। ‘सिन्धी माद्री’ चाल के साथ घोड़े दौड़े लेकिन यातायात पर प्रतिबंध न लगने के कारण घोड़े अपनी पूरी रफ्तार नहीं दिखा पाए। गहरेबाजी के दौरान वाहनों का आना-जाना जारी रहा। प्रयाग गहरेबाज़ी संघ के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और संयोजक बाबा अभय अवस्थी ने प्रतिबंध न लगाए जाने पर नाराजगी जताई। कहा, इस बारे में प्रशासन से बातचीत की जाएगी।
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ऐसे तैयार हुए घोड़े
‘अमर उजाला’ से बातचीत में गहरेबाजों ने घोड़ों की तैयारियों का जिक्र किया। कहा, घोड़े की तैयारी के तहत रोजाना दस से 15 किलोमीटर तक टहलाने के साथ चना, दूध, घी, बादाम, मेवा और देर तक दौड़ में बने रहने के लिए देशी शहद भी दिया गया। वहीं स्प्रिट, हल्दी, पिसी दाल, तेल, शराब से मालिश कराई गई।
सावन के पहले सोमवार पर सीएमपी डिग्री कालेज से मेडिकल चौराहे तक हुई गहरेबाजी में खूब दौड़े घोड़े।- फोटो : prayagraj
Prayagraj: Gajab's adventures among the fame of the city's gambling- फोटो : CITY DESK