सुबह से ही छावनी में तब्दील रही कचहरी रोड
बवाल की आशंका के चलते तैनात रही भारी फोर्स
राज्यपाल के आगमन के चलते रही अतिरिक्त सतर्कता
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अधिवक्ता सुशील पटेल की मौत के बाद सोमवार को कचहरी रोड व उसके आसपास का इलाका छावनी में तब्दील रहा। बवाल की आशंका के चलते सुबह से ही फोर्स लेकर अफसर डटे रहे। राज्यपाल शहर में थे, ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। वकीलों के वापस लौटने पर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
पूर्व में वकीलों की हत्या के बाद पुलिस को अधिवक्ताओं का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ चुका था। ऐसे में अधिवक्ता सुशील की हत्या के बाद पुलिस पूरी तरह चौकन्नी रही। इसके तहत देर रात तक पुलिस अफसर मर्चरी पर जुटे रहे। बवाल की आशंका थी ऐसे में सुबह ही कचहरी रोड को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुबह 10 बजे के करीब वकीलों का जमावड़ा शुरू हुआ। ऐसे में एसएसपी कार्यालय के पास दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर यातायात डायवर्ट कर दिया गया। इस दौरान कुछ राहगीरों से पुलिसकर्मियों की नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। डाकघर के पास वकीलों ने सभा शुरू की तो पुलिस अलर्ट हो गई। एएसपी अमित आनंद कर्नलगंज, करेली थाने की फोर्स के साथ पीएसी की एक टुकड़ी लेकर एसपी कार्यालय पर मुस्तैद रहे। उधर प्रमुख चौराहों पर भी फोर्स तैनात कर दी गई थी। 11.30 बजे के करीब वकीलों की भीड़ बढ़ने लगी तो लक्ष्मी टाकीज चौराहे पर भी बैरिकेडिंग लगाकर राहगीरों को दूसरे रास्ते से भेजा गया। एक बजे के करीब वकील जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। इस दौरान भी फोर्स अलर्ट रही। बाद में वकीलों के वापस जाने के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
पुलिस लाइन के बाहर मुस्तैद रही आरएएफ
सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए राज्यपाल रामनाईक भी शहर पहुंचे थे। ऐसे में पुलिस अफसरों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। राज्यपाल को हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरना था। ऐसे में यहां की कमान एसएसपी ने खुद अपने हाथों में संभाल रखी थी। एहतियात के तौर पर पुलिस लाइन के बाहर आरएएफ की दो व पीएसी की एक टुकड़ी तैनात रही।