करेली के सदियापुर में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में जिला न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एक साल बाद डॉक्टर दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि ऑपरेशन में लापरवाही बरतने से महिला की मौत हुई है। वहीं, डॉक्टर दंपती पर फर्जी डिग्री के सहारे अस्पताल संचालित करने का भी आरोप है।
ऊंचवा टोला सदियापुर निवासी मुकेश निषाद ने एफआईआर में बताया कि 21 फरवरी 2025 को उसने अपनी गर्भवती पत्नी रोशनी को सदियापुर स्थित डॉ. आशा नयनम व कमल नयनम के अस्पताल में भर्ती कराया था। दो बार अल्ट्रासाउंड के बाद पत्नी का ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि बेटे के जन्म के घंटों बाद भी पत्नी को होश नहीं आई।
इसके बाद डॉक्टर ने पत्नी को दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी हालात में सुधार न होने पर पत्नी को 25 फरवरी को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। 28 फरवरी को इलाज के दौरान पत्नी रोशनी की मौत हो गई। आरोप लगाया कि बिना डिग्री के आशा नयनम और उनके पति कमल नयनम अस्पताल चला रहे हैं।
कहा कि लापरवाही से इलाज करने पर पत्नी रोशनी की मौत हुई। आरोप है कि मामले को लेकर करेली थाने व पुलिस के उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसपर पीड़ित ने कोर्ट में गुहार लगाई। करेली थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है, जांच की जा रही है।