अंदावा स्थित गुलाब सिंह एंड संस के संचालक राजेंद्र खरे ने बताया कि लगातार घटते स्टॉक और अनियमित सप्लाई के चलते लोगों में चिंता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने से पहले उनके यहां स्टॉक 60 हजार लीटर रहता था लेकिन जंग के बाद किल्लत बढ़ी तो अब एडवांस में पैसा देने पर रोजाना दस-दस हजार लीटर ही डीजल और पेट्रोल कंपनी डिलीवरी कर रही है।
हालांकि, अन्य पेट्रोल पंप के संचालकों का कहना है कि फिलहाल क्षेत्र में आपूर्ति पूरी तरह बाधित नहीं हुई है लेकिन पंपों पर ईंधन का स्टॉक सीमित समय के लिए ही बच रहा है। नगर और ग्रामीण इलाकों के पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन पंप संचालक दबी जुबान में पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। वहीं, वाहन चालकों में भी भविष्य को लेकर आशंका बनी हुई है, जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं।