prayagraj news : प्रयागराज विकास प्राधिकरण।
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हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए पीडीए प्रवर्तन दल की टीम ने शनिवार को धूमनगंज थाने के बगल स्थित अवैध रूप से बनीं आठ दुकानें ध्वस्त करा दीं। कार्रवाई के दौरान किराएदारों ने स्थानीय लोगों के साथ विरोध किया लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। विरोध के बीच हुए ध्वस्तीकरण के अंतिम चरण में एक फोन आने के बाद आखिरी दुकान छोड़ दी गई। इस दौरान इलाका पुलिस छावनी बना था।
पीडीए के जोनल अफसर और प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक कुमार पांडेय के मुताबिक धूमनगंज थाने के पास ही सत्य प्रकाश चौरसिया की चौरसिया मार्केट है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहीं सभी नौ दुकानों को ध्वस्त कराने का आदेश हाईकोर्ट ने पारित किया था।
दोपहर करीब एक बजे पीडीए का दस्ता जोनल अधिकारी आलोक पांडेय के नेतृत्व में मौके पर पहुंचा। वहां मजिस्ट्रेट को भी बुलाया गया। पुलिस और पीएसी बल ने आसपास के इलाके को सील कर लोगों की आवाजाही रोक दी। हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के क्रम में दुकानों से सामान निकालने के लिए मजदूर लगाए गए सामान निकाले जाने के बाद एक साथ तीन जेसीबी लगाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
इस बीच दुकानदारों के साथ स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। अफसरों से तीखी बहस और नोकझोंक के कारण कुछ देर के लिए काम बाधित हुआ लेकिन पुलिस ने न्यायालय के आदेश का हवाला देकर उन्हें वहां से हटा दिया। एक के बाद एक छह दुकानों को ध्वस्त किए जाने के बाद एक दुकानदार ने एक आदेश का हवाला देकर ध्वस्तीकरण रुकवाना चाहा। अफसर नहीं माने पर आठ दुकानों को गिराने के बाद जब नौवीं दुकान को गिराया जाता अफसरों के पास किसी का फोन आ गया।
जोनल अधिकारी आलोक पांडेय के मुताबिक भानु प्रकाश की नौवीं दुकान के मामले में अपील आयुक्त कार्यालय में लंबित है। इस कारण ध्वस्तकरण स्थगित किया गया। वहीं मार्केट के मालिक सत्य प्रकाश चौरसिया ने आरोप लगाया कि एक दुकान जानबूझ कर छोड़ी गई। यह न्यायालय की अवमानना है। जेडओ के मुताबिक रोड बाइंडिंग में दुकानों का अवैध निर्माण था, इसलिए ध्वस्तीकरण कराया गया है। कार्रवाई में एसीएम पीसी मौर्या, पीडीए के क्षेत्रीय अवर अभियंता महेश चौधरी, धूमनगंज थानाध्यक्ष और पीएसी बल शामिल रहा।