सार
चक्रवाती तूफान के असर से प्रयागराज में शनिवार को सुबह से ही मौसम पूरी तरह बदला रहा। बारिश और तेज ठंडी हवाओं से पारा तेजी से नीचे आया और दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश और ठंडी हवा से एसी-कूलर बंद हो गए और लोगों को चादरें निकालनी पड़ीं।
पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान का असर शुक्रवार के बाद शनिवार को भी दिखा। लगातार तीसरे दिन शहर में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। मौसम ऐसा बदला कि लोगों को चादरें निकालने को मजबूर होना पड़ा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में महज एक डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भी भारी बारिश के आसार हैं। चक्रवात का असर जिले में पूरी तरह प्रभावी रहेगा। तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है। प्रशासन ने नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। अपील की है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें तथा खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे बिल्कुल न रहें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
उधर, पिछले दो दिनों से चल रही तेज ठंडी हवाओं और लगातार रिमझिम फुहारों के कारण प्रयागराज के अधिकतम तापमान में सीधे 10 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान लुढ़क कर 25.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान में आई इस अचानक और भारी गिरावट ने गर्मी से पूरी तरह राहत दिला दी है। हालात यह हो गए हैं कि लोगों के घरों में दौड़ रहे एसी और कूलर थम गए हैं और अलमारियों से चादरें व हल्के गर्म कपड़े बाहर निकल आए हैं। स्थिति यह है कि रात में लोगों को पंखे तक बंद करने पड़े।