इंजीनियर के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार किए जाने में चिकित्सकीय प्रोटोकाल का पालन नहीं किया गया। कहा गया था कि कोरोना पॉजिटिव शव को श्मशान घाटों पर जलाने की बजाय विद्युत शवदाहगृहों में जलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रशासन ने फाफामऊ ले जाकर शव का अंतिम संस्कार पारंपरिक तरीके से कराया।
इतना ही नहीं जहां शव को लकड़ी पर जलाया गया, वहां घर के लोग भी शव के पास ही मौजूद रहे। जबकि नियम के अनुसार परिजनों को 100 फीट की दूरी पर रहना था। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाला पारिवारिक सदस्य पूरी किट में भी नहीं थे। नोडल अफसर डॉ. महानंद ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार मरने वाले कोरोना पॉजिटिव के धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कराने को कहा गया है।
मरीजों को शिफ्ट किए जाने की मांग
कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से वार्ड नंबर 17 में रखे गए टीबी के मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किए जाने की मांग की गई है। चिकित्साकर्मियों का कहना है कि कोरोना के मरीजों के होने से संक्रमण की आशंका बढ़ गई है, लेकिन उन्हें अभी हटाया नहीं गया है। अब लगातार मरीज बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में इन मरीजों को तेलियरगंज स्थित टीबी अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकता है। चिकित्सालय प्रशासन ने भी इन मरीजों को शिफ्ट करने को कहा था, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया।