prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन।
- फोटो : prayagraj
जिले में लगातार सातवें दिन कोरोना से राहत मिलती दिख रही है। सोमवार को 24 घंटे में 36 नए पॉजिटिव चिह्नित किए गए। चौथा दिन रहा जब उपचार के दौरान जान गंवाने वालों का आंकड़ा एक पर स्थिर रहा। सिर्फ एक मरीज की उपचार के दौरान मौत हुई। दस हजार से अधिक लोगों की कोविड जांच की गई। एक्टिव मरीजों की संख्या 568 होने से कोरोना कर्फ्यू से राहत का कारण बना। लंबे अंतराल के बाद कम हुई संक्रमितों की संख्या के बाद भी स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है। जांच और ट्रेसिंग का काम जारी रहेगा।
prayagraj news : एसआरएन में मरीज को भर्ती कराने लेकर आते परिजन।
- फोटो : prayagraj
कोरोना संक्रमण इससे पहले तीस मई को 30 और 22 मार्च को 34 नए संक्रमितों की पहचान की गई थी। यानी दो महीने बाद संक्रमितों का आंकड़ा गिरते क्रम में आया है। मार्च में चार हजार लोगों की हो रही थी, जो वर्तमान में दस हजार से अधिक है। रविवार को हुए 8932 लोगों की जांच को छोड़ दें तो एक महीने में किसी भी दिन दस हजार से कम लोगों की जांच नहीं की गई।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक एक मई को 13 हजार से अधिक लोगों की जांच में 1145 नए संक्रमित चिह्नित किए गए थे। अब जांच का दायरा औसतन दस हजार लोगों का बना है। फिर भी संक्रमितों की संख्या 50 से कम होकर अब 36 पर आ गई है। सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय के मुताबिक कोविड उपचार के दौरान जान गंवाने वालों के साथ गंभीर मरीजों की संख्या में भी कमी आई है। एक्टिव मरीजों के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी कम हुई है। सोमवार को लगातार चौथे दिन उपचार के दौरान एक संक्रमित की मौत हुई है।
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
एलथ्री एसआरएन अस्पताल में अब सिर्फ 30 कोरोना संक्रमित
कोरोना संक्रमण की तस्वीर एक महीने में बिल्कुल बदल गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में जहां एक महीने पहले बेड नहीं थे, वहां अब मरीजों की संख्या न के बराबर हो गई है। एलथ्री एसआरएन अस्पताल में सिर्फ 30 और बेली अस्पताल में गिनती के कुछ मरीज भर्ती हैं। गंभीर मरीजों की संख्या कम हुई है।
टारगेट ग्रुप, बाजारों, गांवों में कराई जाएगी जांच
कोरोना संक्रमण की दर निम्न होने के बाद भी जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी, नोडल अधिकारी कोविड जांच डॉ. एके तिवारी के मुताबिक निर्धारित जांच केंद्रों के साथ 50 से अधिक मोबाइल जांच यूनिटें अभी सक्रिय रहेंगी। टारगेट ग्रुप के साथ बाजारों और गांवों में संभावित संक्रमितों की कोविड जांच का क्रम जारी रहेगा।
राहत में न बरतें ढिलाई, मास्क और उचित दूरी जरूरी
जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रणनीति के तहत राहत यानी कोरोना कर्फ्यू में छूट में कोविड प्रोटोकॉल का कढ़ाई से पालन कराया जाएगा। लोगों को भीड़ में न जाने, मास्क लगाने और सैनिटाइजर उपयोग के साथ बार-बार साबुन से हाथ धोने के लिए जागरूक किया जाएगा। निर्देशों का पालन न करने वालों को पहले समझाया जाएगा फिर उनकी ही बेहतरी और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए दंडित भी किया जाएगा।
छह निजी अस्पतालों को कोरोना इलाज से मुक्ति
कोरोना संक्रमितों की घटती संख्या के बीच खाली हुए निजी कोविड अस्पतालों को अब नॉन कोविड सामान्य मरीजों के इलाज की अनुमति दी जाएगी। सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय ने 18 निजी कोविड अस्पतालों में छह को नॉन कोविड मरीजों के इलाज के लिए सोमवार को अनुमति दी। निर्देश दिए कि कोविड हेल्प डेस्क के साथ कोविड प्रोटोकॉल के तहत सामान्य मरीजों का इलाज कर सकते हैं। कोविड लक्षणों वाले मरीज आएं तो उनकी जांच कराएं और उन्हें कोविड अस्पताल भेजे। बताया गया कि तीन अन्य निजी अस्पतालों के प्रार्थना पत्र लंबित हैं, जिन्हें जांच के बाद सामान्य मरीजों के इलाज की अनुमति दी जाएगी।