कोरोना की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न इलाकों में खोले गए केंद्रों के कामकाज पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। एजी आफिस के वरिष्ठ एकाउंटेंट ने जब दो जगह कोरोना की जांच कराई तो एक में वो पाजिटिव तो दूसरी में निगेटिव निकले। उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है कि वे आखिर किस रिपोर्ट पर विश्वास करें।
एजी ऑफिस में तैनात वरिष्ठ एकाउंटेंट चंद्रशेखर ने बताया कि वह केपी इंटर कॉलेज में आठ अगस्त को जांच कराने गए तो उनकी रिपोर्ट वहां पॉजिटिव बताई गई। उन्हें कोई परेशानी नहीं थी, लिहाजा उनका मन नहीं माना। इसलिए वह धूमनगंज स्थित नंद किशोर इंटर कॉलेज में जांच कराने चले गए। वहां उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
उन्होंने बताया कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। न तो बुखार है और न ही और कोई परेशानी। ऑफिस के वरिष्ठ अधिकारियों के पॉजिटिव आने के बाद निर्देश पर वह जांच कराने गए थे। अब दो रिपोर्ट आने से भ्रम की स्थिति बन गई है, हालांकि अभी वह क्वारंटीन हैं।
उन्होंने आरटीपीसीआर जांच कराने की मांग की है, ताकि सही स्थिति का पता लग सके। वरिष्ठ पार्षद शिवशेवक सिंह एवं कमलेश सिंह ने कहा कि इससे अविश्वास की स्थिति बन गई है। आखिर सेंटरों पर जांच करने वाले लोग कैसे जांच कर रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।