फूलपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज पटेल शुक्रवार रात जिलाधिकारी आवास के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन पर अन्याय और मतदाताओं से की गई अपील के प्रकाशन की अनुमति को जबरन अटकाने का आरोप लगाया। समर्थकों संग दो घंटे धरना देने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्हें अनुमति दी गई। तब कांग्रेसी कार्यकर्ता और प्रत्याशी वहां से वापस हुए।
कांग्रेस प्रत्याशी पंकज ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके दमन का काम नामांकन करने के साथ ही शुरू हो गया। हार्दिक की सभा के बाद रोकटोक बढ़ा दी गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उनके प्रतिनिधि प्रभाकर पटेल दिन में तीन बजे अपील प्रकाशन की अनुमति लेने गए थे। उन्हें मैटर जांच के नाम पर शाम को बुलाया गया। शाम पांच बजे गए तो रात आठ बजे तक रोके रखा गया। इसपर वह करीब 8.30 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे और डीेएम आवास के गेट बाहर समर्थकों संग धरने पर बैठ गए। उन्होेंने उप निदेशक सूचना से कह दिया कि बिना अनुमति नहीं जाऊंगा।
सूचना पर रात करीब 10.30 बजे जिलाधिकारी ने उन्हें अनुमति देने की बात कही। इसके तुरंत बाद संबंधित अफसर ने अनुमति भी दे दी।
पंकज ने बताया कि सीएम छत्तीसगढ़ भूपेश बघेल के हेलीकॉप्टर को भी प्रशासन ने तीन में से एक क्षेत्र में ही उतरने की अनुमति दी। उनकी नामांकन सभा की अनुमति रद्द कर दी। यह अन्याय है। अपील संग इन्हीं मुद्दों के खिलाफ वह धरने पर बैठे थे। वहीं उपनिदेशक सूचना संजय राय ने बताया कि अपील में ‘दलाल’ जैसे कई आपत्तिजनक शब्द थे, कई चरणों के परीक्षण के कारण अनुमति देने में विलंब हुआ।