अक्षयवट दर्शन 31 मार्च के बाद हो पाएगा कि नहीं, इस पर असमंजस बरकरार है। मेला प्राधिकरण समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव पर शासन को भेज चुका है। शासन ने भी इसे स्वीकृति दे दी है। अब अनुमोदन का मामला रक्षा मंत्रालय में अटका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद किला स्थित अक्षयवट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। कुंभ आयोजन में लाखों लोगों ने अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन किए। सेना के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अक्षयवट के दर्शन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से मेला अवधि के बाद भी अक्षयवट और सरस्वती कूप को दर्शन के लिए खोलने का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से यह फाइल केंद्र सरकार के माध्यम से अनुमोदन के लिए रक्षा मंत्रालय भेजी गई है। माना जा रहा है कि पीएम और सीएम की इच्छा के मुताबिक अनुमोदन मिलना तो तय है। हालांकि इसमें देरी हुई तो कुछ दिन के लिए अक्षयवट दर्शन बाधित हो सकता है।
मेलाधिकारी विजय किरन आनंद के मुताबिक श्रद्धालुओं को अक्षयवट का दर्शन वर्ष पर्यंत सुलभ कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। समयावधि बढ़ाने का अनुमोदन मिलने का इंतजार है। प्राधिकरण की ओर से इस बारे में तैयारी पूरी है। बैरिकेडिंग आदि सुविधाओं के लिए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।