कश्मीर हमले में जवानों पर हुए आतंकी हमले को लेकर हर किसी में गम और जबर्दस्त गुस्सा है। ‘अमर उजाला’ की ओर से दहशतगर्दी की मजम्मत (निंदा) मुहिम में शरीक होते हुए जामा मस्जिदों से इमामों ने भी जुमे की नमाज के दौरान खुत्बे में हादसे को दर्दनाक बताते हुए निंदा की।
शिया जामा मस्जिद के इमाम जुमा व जमात मौलाना सैयद हसन रजा ने खुत्बे में हादसे को बेहद अफसोसनाक और दर्दनाक बताया। कहा, सरकार को सही तरीके से इसका कड़ा से कड़ा जबाव देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो दहशतगर्दों के हौसले और बुलंद होंगे। यह सिर्फ पुलवामा नहीं बल्कि पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है।वहीं चौक स्थित जामा मस्जिद से जुमे की नमाज के खुत्बे में नायब शहर काजी और पेश इमाम मौलाना रईस अख्तर ने भी आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। कहा, खुदा को किसी भी तरह का फसाद कतई पसंद नहीं है और जो हुआ, वह फसाद है।
इसी क्रम में नमाजे अलविदा इंतजामिया कमेटी के सईद अख्तर, मोहम्मद आजम, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद हबीब, छोटे हाजी सहित तमाम नमाजियों की ओर से पुलवामा के हादसे की पुरजोर मजम्मत करते हुए शहीद हुए जवानों के हक में दुआए मगफिरत की गई।
जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन कर नमाजियों ने जताया विरोध
पुलवामा में हुए आतंकी हमले के खिलाफ सड़क पर आकर नमाजियों ने विरोध प्रदर्शन किया। चौक स्थित जामा मस्जिद के बाहर जुमे की नमाज के बाद आक्त्रसेशित नमाजियों ने एक स्वर में पाकिस्तान की इस कायराना करतूत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता हसीब अहमद, अफसर महमूद की अगुवाई में जुटे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की।