पहाड़ों पर बर्फबारी के असर से फगुनहटी मौसम में उठापटक हो गई। बर्फीली हवाएं कंपाती रहीं। पारा धड़ाम हो गया। मार्च के पहले दिन ही मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट लेते ठंड का वार कर दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब आठ डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक ठंड अब चंद दिनों की मेहमान है। इस बीच शिवरात्रि तक बारिश के आसार हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल में हो रही असामयिक बर्फबारी पारा लुढ़कने का कारण बनी है। वेस्टर्न डिस्टरवेंस (पश्चिमी चक्रवात की सक्रियता और स्थानीय प्रभाव के कारण बर्फीली हवाएं कंटीली हो गईं। धूप-छांव के बीच शाम को अचानक ठंड बढ़ी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान धूप के कारण 23.9 डिग्री से बढ़कर 24.3 डिग्री सेल्सियस पर आया। वहीं न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री से गोता लगाकर 8.1 डिग्री सेल्सियस पर अटक गया। आर्द्रता उच्चतम स्तर पर बनी रही।
मौसम विज्ञानी प्रो. मिश्रा के मुताबिक धूप खिलने से लोगों को ठंड से राहत तो मिलेगी लेकिन सामान्य तापमान 15 न होकर 8 डिग्री पर अटका है। अधिकतम तापमान सूरज कड़क होने के कारण बढ़ रहा है। ऐसे में शिवरात्रि तक बारिश के आसार बने हैं। फिर धूप तेज और गर्मी का प्रकोप बढे़गा।
सेहत के लिए ठीक नहीं बदलता मौसम
हर दिन बदल रहा मौसम सेहत के लिए ठीक नहीं हैं। स्वरूपरानी नेहरू के विशेषज्ञ डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक इस समय सावधानी ही बचाव है। शरीर से ऊनी कपड़े हटाने की भूल न करें। सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज ओपीडी में दोगुने हो गए हैं। छाती में जकड़न से बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। असहज महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। नियमित दवा करें और ठंडे पानी और आइस्क्रीम आदि से परहेज करना ही ठीक रहेगा।