‘जासूस’ बनकर सीईओ ने पार्किंग में खड़ी
की कार, हो गए अवैध वसूली के शिकार
टैग: छावनी परिषद की कार्रवाई
क्रासर:
0 बड़े हनुमान मंदिर की पार्किंग में अवैध वसूली की जांच करने गए थे, ठेका किया निरस्त, ठेकेदार भी ब्लैक लिस्टेड
0 वाहन लेकर दो दिए गए, दोनों दिन उनसे 30 की जगह वसूले 70 रुपये, जांच को बिना वर्दी मेजर जनरल भी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। बांध स्थित हनुमान मंदिर के पास वाहनों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत पर ‘जासूस’ बनकर पहुंचे छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) माने अमित कुमार बाबूराव भी अवैध वसूली के शिकार हो गए। उन्होंने अपना परिचय दिए बगैर बांध स्थित हनुमान मंदिर पार्किंग पर अपना वाहन लगातार दो दिन खड़ा किया और दोनों ही दिन वहां तैनात कर्मचारियों ने उनसे पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की। अब सीईओ ने संबंधित पार्किंग का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार सचिन मिश्रा को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।
छावनी परिषद ने बांध स्थित हनुमान मंदिर वाहन स्टैंड सचिन मिश्रा नाम के ठेकेदार को दे रखा है। यहां पार्किंग के नाम अवैध वसूली की शिकायतें लगातार छावनी परिषद के सीईओ को मिल रही थी। पिछले माह 17 जून को ही सीईओ का कार्यभार संभालने के बाद माने अमित कुमार बाबूराव ने इस प्रकरण की खुद ही जांच करने का निर्णय लिया। इसके तहत वे 12 जुलाई को संगम क्षेत्र गए और वहां अपना परिचय दिए बगैर पार्किंग में अपनी कार खड़ी कर दी। नियमानुसार वहां वाहन स्टैंड संचालक को 30 रुपये की पर्चीं देनी चाहिए थी लेकिन, उसने 70 रुपये की पर्ची काट दी। इसके दूसरे रोज 13 जुलाई को सीईओ के साथ सादे कपड़े में मेजर जनरल राम प्रताप सिंह भी गए। एक बार फिर संबंधित कर्मचारियों ने ज्यादा की रसीद काट दी। सीईओ ने बताया कि ओवर चार्जिंग मामले में उन्होंने संबंधित ठेका निरस्त करने के साथ ही ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस ठेकेदार का ठेका आठ जुलाई को पूरा हो गया था लेकिन, कुंभ की वजह से उसका ठेका 105 दिन के लिए बढ़ाया गया था। कहा कि संबंधित ठेकेदार ने जो भी अवैध वसूली की है, उसे लेकर वह विधि सलाह ले रहे हैं ताकि अवैध वसूली की रकम छावनी परिषद उससे वसूल सके।
अब छावनी परिषद छापेगा पार्किंग की रसीद
छावनी परिषद ने अवैध वसूली रोकने के लिए तय किया है कि अब आगे जो भी ठेका दिया जाएगा, उसमें संबंधित ठेकेदार को वाहन शुल्क की पर्ची छावनी परिषद ही छापकर देगा। हर एक पर्ची के साथ उसकी कार्बन कापी भी रहेगी। पर्ची पूरी खत्म होने के बाद उसकी कार्बन कापी संबंधित ठेकेदार को बोर्ड कार्यालय में जमा करनी होगी। उसके बाद ही उसे नई रसीद बुक दी जाएगी। अभी तक ठेकेदार ही वाहन स्टैंड के शुल्क की पर्ची छापते आए हैं। इस वजह से वे कई तरह के शुल्क की पर्ची छाप लेते थे।
दस अगस्त तक नहीं लगेगा पार्किंग शुल्क
छावनी परिषद की ओर से बांध स्थित हनुमान मंदिर का ठेका निरस्त करने के साथ नए ठेेके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नया टेंडर दस अगस्त 2019 को निकलेगा। तब तक यहां वाहन पार्किंग नि:शुल्क रहेगी। छावनी परिषद के सीईओ ने बताया कि अब जिस किसी को भी ठेका दिया जाएगा, उसकी नियमित रूप से मॉनीटरिंग होगी।