रोडवेज के सिविल लाइंस और जीरो रोड बस स्टेशन से संचालित होने वाली बसों का संचालन तकरीबन दो वर्ष तक शहर के चार अलग-अलग स्थानों से होगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत इन दोनों बस स्टेशन को अत्याधुनिक बनाया जाना है। इस वजह से यहां तमाम निर्माण होंगे। इस अवधि में दोनों बस स्टेशन से बसों को संचालन शहर के किन स्थानों से होगा, उसके लिए इसी माह जिला प्रशासन जमीन चिह्नित कर रोडवेज को सौंप देगा। इसके लिए शहर में ही जमीन का जायजा भी लिया जा चुका है।
सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन पर व्यावसायिक कांपलेक्स बनाया जाना है। इसी वर्ष यह तय हुआ है। इसके लिए रोडवेज मुख्यालय स्तर से टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की गई। इसमें अडानी समेत कई निजी फर्म ने टेंडर फार्म खरीदे हैं। दो वर्ष में यह काम पूरा हो जाएगा। इस अवधि में दोनों बस स्टेशनों से संचालित बसें कहां से चलाई जाएं, इसके लिए रोडवेज ने जिला प्रशासन को तमाम स्थानों पर बस संचालन के लिए प्रस्तावित जमीन की सूची सौंपी है।
बुधवार को एडीएम नजूल और एआरएम जीरोरोड और सिविल लाइंस ने संबंधित जमीन का निरीक्षण किया। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि बस पकड़ने के लिए यात्रियों को शहर के बाहर न जाना पड़े। कहा कि जमीन तय होने के साथ ही वहां बस स्टेशन पर अस्थाई व्यवस्था की जाएगी, जैसी की कुंभ मेले के दौरान की गई थी।
बस संचालन के लिए प्रस्तावित स्थल:
- तेलियरगंज प्रयाग डिपो लखनऊ, फैजाबाद, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर आदि
- जीजीआईसी या नेहरू पार्क लीडर रोड डिपो कानपुर, फतेहपुर, मंझनपुर, आगरा, दिल्ली आदि
- परेड मैदान या जीजीआईसी सिविल लाइंस डिपो वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर आदि
- लेप्रेसी मिशन चौराहा जीरोरोड डिपो मिर्जापुर, राबर्टसगंज, बांदा, महोबा, झांसी आदि