थाना क्षेत्र की एक महिला ने वन दरोगा पर मारने पीटने का आरोप लगाते हुए शंकरगढ़ थाने में एक शिकायती दिया था। कई दिनों बाद भी उसका मामला दर्ज न होने के कारण उसने विधायक बारा को मामले से अवगत कराया। पुलिस विभाग का कहना है कि उसके शिकायती पत्र पर जांच चल रही है। जैसे ही वन विभाग से स्वीकृति मिल जाती है, मामला दर्ज किया जाएगा। जिससे नाराज विधायक बारा डा. अजय कुमार धरने पर बैठ गए।
ज्ञात हो कि निर्मला देवी निवासी मवैया थाना शंकरगढ़ में 10 अक्तूबर को थाने में एक शिकायत पत्र देते हुए यह आरोप लगाया है कि वन दरोगा उदयभान सिंह ने उसके साथ मारपीट की है। वहीं पुलिस महिला की शिकायत पर जांच पड़ताल कर रही थी और वन विभाग से उक्त वन दरोगा पर मामला दर्ज करने की स्वीकृति मिलने का इंतजार कर रही थी।
शुक्रवार को अचानक उक्त महिला विधायक बारा डा. अजय कुमार को लेकर थाने पहुंच गई। विधायक डा. अजय कुमार महिला को न्याय दिलाने के लिए थाने के बाहर बैठ गए। वहीं इस मामले में वन विभाग का कहना है कि उक्त महिला अवैध रूप से वन विभाग की जमीन में मकान बनाकर रह रही थी। वन दरोगा का कहना है कि उक्त महिला अवैध रूप से वन विभाग में घर बनाकर रह रही थी। वर्तमान में कुछ नया निर्माण भी करवाया जा रहा था। जिसका मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
उक्त महिला को मना किया जा रहा था, लेकिन उक्त महिला नहीं मानी और उल्टा आरोप लगाते हुए मारपीट की शिकायत कर दी। मौके पर उप जिला अधिकारी बारा सुभाषचंद्र यादव, क्षेत्राधिकारी बारा शंकरगढ़ थाने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि वन विभाग के दरोगा ने मारपीट की है तो मामला दर्ज किया जाएगा। अगर थानाध्यक्ष शंकरगढ़ से इस मामले में दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी जांच कर कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया।