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प्रयागराज : उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की परिक्रमा करते रहे भाजपा नेता, दलित परिवार की नहीं ली सुध

Fri, 26 Nov 2021 11:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

फाफामऊ में सामूहिक हत्याकांड के शिकार परिवार को ढांढस बंधाने के लिए हुआ राजनीतिक जमावड़ा, लेकिन शहर में मौजूद उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह ने घटना स्थल पर जाना मुनासिब नहीं समझा। कार्यकर्ताओं के आग्रह पर भी चुप्पी साध ली। 
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उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फाफामऊ के गोहरी गांव में बृहस्पतिवार को एक ही परिवार के चार लागों की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इसे लेकर सियासत भी गरमा गई है और शुक्रवार को गांव में राजनीतिक नेताओं का जमावड़ा हुआ लेकिन भाजपा का कोई भी वरिष्ठ नेता नहीं पहुंचा। खास यह कि उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह समेत अनेक नेता शहर में मौजूद रहे लेकिन उन्होंने दलित पीड़ित की सुध नहीं ली। वहीं स्थानीय नेता इनकी परिक्रमा में ही व्यस्त रहे।

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हर छोटी-छोटी घटनाओं और सरकार की उपलब्धियों पर बयान जारी करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूलपुर की घटना पर चुप्पी साध रखी है। दिग्गज नेताओं की मौजूदगी की वजह से उन्हें संवेदना के दो बोल के लिए भी फुर्सत नहीं मिली। उप मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री शुक्रवार को दिन भर जिले में रहे और चार से अधिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इन नेताओं ने संविधान के पालन का संकल्प लिया।

साथ ही कार्यकर्ताओं को भी संकल्प दिलाया लेकिन हत्याकांड पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, केशरी देवी पटेल, विधायक, भाजपा के जिला एवं महानगर अध्यक्ष समेत अन्य नेता हर आयोजन में उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री के साथ मौजूद रहे।
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कानूनगो, लेखपाल ने दी गलत रिपोर्ट, होगी कार्रवाई
कोरांव के कपटिहा गांव स्थित वर्षों पुराना सिंचाई विभाग का नाला पाटने के मामले में कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इन लोगों ने गलत रिपोर्ट दी थी। इसकी वजह से गलत तरीके से एक व्यक्ति के पक्ष में आदेश हो गया। अब जांच में सच्चाई सामने आने के बाद डीएम ने इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है। कपटिहा गांव में सिंचाई विभाग का 40 वर्ष पुराना नाला है लेकिन प्रशासन के एक आदेश के तहत उसे गांव के ही एक व्यक्ति के नाम कर दिया गया।

इसके बाद फोेर्स की मौजूदगी में नाला पाट भी दिया गया लेकिन सिंचाई विभाग के अफसरों ने इस पर आपत्ति जताई। जेई जेसीबी के आगे लेट गए थे। इसके बाद प्रशासन ने नाले की सफाई कराई। साथ ही डीएम ने पूरे प्रकरण पर जांच बैठा दी। जांच में पाया गया कि  कानूनगो और लेखपाल ने पूर्व में गलत रिपोर्ट लगा दी थी। इसी आधार पर अफसरों ने भी गलत आदेश जारी किया। डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि  जांच रिपोर्ट के आधार पर कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।

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